खोल। सरपंच पति, ब्लॉक समिति सदस्य समेत मूंदी गांव के करीब 50 ग्रामीणों के खिलाफ खोल थाने में दर्ज छेड़छाड़ के मामले ने सोमवार को तूल पकड़ लिया।
शिक्षिका की तरफ से छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराने के विरोध में ग्रामीणों ने स्कूल गेट पर बैठकर पंचायत की। पंचायत में ग्रामीणों का कहना था कि इतने लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले पुलिस ने पड़ताल के अलावा लोगों से पूछताछ करना भी उचित नहीं समझा।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव को बदनाम करने वाले और काम में लापरवाही बरतने वाली शिक्षिकाओं का तबादला किया जाए। चार घंटे तक डीएसपी, जिला शिक्षा अधिकारी, नायब तहसीलदार डहीना और ग्रामीणों के बीच बातचीत चलती रही। बाद में डीईओ धर्मबीर बल्दोडिया ने कहा कि कल से शिक्षिकाएं स्कूल नहीं आएंगी और जांच के बाद विभागीय कार्रवाई होगी डीएसपी सतपाल ने भी उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल गेट से ताला खोला।
सुबह से ही जुटी पंचायत, बढ़ा तनाव
सोमवार सुबह होते ही ग्रामीण राजकीय उच्च विद्यालय के गेट के पास जमा होने लगे। गेट पर ताला लटका होने से बच्चे स्कूल में नहीं पहुंच सके। स्टाफ सदस्य भी स्कूल के बाहर बैठ गए। मामले की संवेदनशीलता को देखकर पुलिस पहले से ही अलर्ट थी। स्कूल को ताला लगाकर धरने पर बैठे ग्रामीणों के बीच पहुंचे डीएसपी सतपाल सिंह ने स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों से अलग-अलग बात की। बात सिरे नहीं चढ़ पा रही थी। उल्टा ग्राम पंचायत का कहना था कि पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाले का पक्ष ऊपर रख रही है। इसके बाद पंचायत ने बंद कमरे में बात करने के बजाय खुली पंचायत में बात रखने को कहा। इस दौरान भी तनाव भी बढ़ गया।
10वीं के 29 में से महज चार बच्चे पास का मांगा जवाब
बातचीत के दौरान ही जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर बल्दोडिया भी गांव मूंदी पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि राजकीय स्कूल मूंदी में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले 29 स्टूडेंट्स में से महज चार पास हुए हैं। इसका जवाब मांगने के लिए ही गांव की पंचायत शुक्रवार को स्कूल पहुंची थी। यहां सभी शिक्षक सुबह से ही लापरवाह नजर आया। वीडियो बनाते हुए जब जवाब मांगा गया तो एक महिला टीचर ने फोन छीन लिया। बाद में खोल थाने में सरपंच पति, ब्लॉक समिति सदस्य समेत करीब 50 लोगों के खिलाफ छेड़खानी का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी से इतने खराब रिजल्ट का जवाब भी मांगा
मुकदमा रद्द कर तीन के ट्रांसफर पर अड़े ग्रामीण
स्कूल गेट पर लगा ताला खोलने के लिए पहुंचे डीईओ और डीएसपी सतपाल सिंह से ग्रामीणों ने पूछा कि इतने लोगों के खिलाफ शिकायत होने के बावजूद पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की। पुलिस को अगर मामला दर्ज करना ही था तो पहले पड़ताल करनी चाहिए थी। पुलिस ने ऐसा करना मुनासिब नहीं समझा और बिना किसी सबूत के उन पर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया, जो गलत है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है। खराब रिजल्ट आने से नाराज ग्रामीण स्कूल में हेडमास्टर से बात करने गए थे, न की कोई छेड़छाड़ करने के लिए। शिक्षिका ने अपनी गलती छिपाने के लिए यह सब ड्रामा किया है। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि दर्ज झूठा मुकदमा रद्द करने के साथ ही तीन शिक्षिकाओं का ट्रांसफर भी होना चाहिए।
डीईओ और डीएसपी के आश्वासन के बाद खुला ताला
पूरे गांव की मांग को देखकर मौके पर मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर बल्डोदिया ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि तीनों शिक्षिकाओं का तबादला जल्द कर दिया जाएगा। साथ ही डीएसपी सत्यपाल यादव ने भी कहा कि दर्ज मुकदमे की जांच वह खुद करेंगे। निष्पक्ष जांच होगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। दोनों अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल गेट पर शनिवार से जड़ा ताला खोला।
29 स्टूडेंट्स में से महज 4 पास होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों को लेकर हेडमास्टर से सवाल पूछने के लिए पंचायत गई थी। गलती छिपाने के लिए शिक्षिका ने मनगढ़ंत आरोप लगाकर मेरे और अन्य सभी ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। जो कि पूरी तरह झूठा है। - कमल सिंह, सरपंच पति, गांव मूंदी
शिक्षिका ने 50 के करीब लोगों के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत में मुकदमा दर्ज कराया है। मामले में इतने लोगों के शामिल होने के बावजूद पुलिस ने किसी का बयान लेने और सच्चाई जानने की भी कोशिश नहीं की। यह एकतरफा पुलिस की कार्यप्रणाली थी। इसके चलते ही ग्रामीणों में रोष पनपा है। - सुनील, ब्लॉक समिति मेंबर
खराब रिजल्ट को लेकर अध्यापकों की लापरवाही की जांच कराई जाएगी। अगली बार रिजल्ट में भी सुधार लाया जाएगा। तीनों शिक्षिकाएं कल से स्कूल नहीं आएंगी। दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई भी होगी। - धर्मबीर बल्दोडिया, डीईओ, रेवाड़ी
दोनों पक्षों की बातों को सुनकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि पूरी जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल गेट से ताला खोल दिया है। - सत्यपाल सिंह, डीएसपी