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तीन दिन से एक चौथाई शहर प्यासा

Sat, 24 Sep 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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शहर में पानी की कमी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कालका स्थित जलघर की मोटर जलने से शहर की एक चौथाई आबादी तीन से पानी के लिए परेशान है। अभी तक इसका कोई समाधान नहीं निकला। वहीं अधिकारियों के फोन भी बंद हैं। इससे जनता की समस्या और बढ़ गई है। लोग मजबूरी में बाहर से पानी खरीदकर पी रहे हैं।
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शहर की करीब दो लाख की आबादी प्रतिदिन की जरूरतों को पूरा करने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिदिन ढ़ाई करोड लीटर पानी की सप्लाई की जाती है।

इसमें से कालका जलघर की मोटर के जलने से शहर की एक चौथाई आबादी तीन दिन से पानी के लिए परेशान है। शुक्रवार शाम तक जली हुई मोटर का कोई समाधान भी नहीं निकला।

पानी खरीदने के लिए कर रहे जेब ढीली
जलघर की मोटर जलने के बाद अब पेयजल से लेकर टॉयलेट तक के लिए लोग प्रतिदिन पांच सौ से लेकर एक हजार रूपये में पानी टैंकर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जन स्वास्थ्य विभाग एवं पानी टैंकर संचालकों के बीच मिली भगत के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते तीन दिन से जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फोन किया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों के फोन बंद आ रहे हैं। वहीं कुछ जब लोग कालका स्थित जलघर पहुंचे तो वहां पर कर्मचारियों ने मोटर जलने की बात कही।
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सामान्य दिनों में माह में एक करोड़ रुपये का पानी खरीदते हैं लोग जिले के भूजल में फ्लोराइड की अधिकता के चलते जिले के करीब प्रत्येक घर में आरओ वाले अपनी पैठ बना चुके हैं। दो साल पहले तक जिले के लोगों को बीस लीटर पानी का कैंपर जहां 100 रुपये में उपलब्ध हो जाता था। उसकी कीमत अब 300 रुपये तक पहुंच चुकी है। जिले में हजारों की संख्या में कैंपर संचालक काम कर रहे हैं। उसके हिसाब से प्रतिदिन का पेयजल का कारोबार प्रतिमाह करीब एक करोड़ रुपये का है।

टैंकर चालक वसूल रहे हैं मनमाने रेट
मोटर खराब होने से शहर के बाहरी हिस्सों उत्तम नगर, विजय नगर, गढ़ी बोलनी रोड एवं झज्जर आदि क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। टैंकर संचालक भी इनकी इस मजबूरी का फायदा उठाने से पीछे नहीं हट रहे। इतना ही नहीं कुछ लोग साधारण पानी को ही ठंडा कर आरओ के नाम पर पानी सप्लाई कर रहे हैं।
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वर्जन-
पीनी की किल्लत के बीच अधिकारियों द्वारा फोन बंद करना गंभीर विषय है। लोगों को पानी की समस्या नहीं होने दी जाएगी। मामले की जांच कराने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. बनवारी लाल, जन स्वास्थ्य राज्य मंत्री, हरियाणा सरकार
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बुधवार से पानी की मोटर चलाकर परेशान हो रहे हैं। लेकिन आधा-आधा घंटा मोटर चलने के बाद भी पानी की बूंद नहीं आ रही है। अधिकारियों के फोन बंद आ रहे हैं। एक दिन में हजार रूपये तक का पानी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है।
- बिमला, उत्तम नगर
जन स्वास्थ्य विभाग का पानी पीने लायक नहीं है। जिसके चलते डेली पानी का कैंपर खरीदकर पीना पड़ता है। दूसरे तीन दिन से टॉयलेट तक के लिए पानी के लिए मजबूर हो गए हैं। ऐसे में पानी टैंकर खरीदना पड़ रहा है। - सुभम, दिल्ली रोड
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- पानी बेसिक नीड हैं। सरकारे एक ओर बड़े-बड़े दावेे करती है,वहीं दूसरी ओर लोगों का समय पर टॉयलेट तक जाने के लिए मुहैया नहीं करा पाती है।  जन स्वास्थ्य विभाग में अनेकों बार शिकायत करने के बावजूद भी तीन दिन से पानी नहीं आ रहा है। - उमा, विजय नगर
लोगों को दूसरी चीजें छोड़िए, प्रशासन पानी तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। शिकायत करते हैं तो कोई सुनवाई नहीं होती। अधिकारियों के फोन बंद हैं। ऐसे में समझ में नहीं आता कि क्या करें।  - सुरेश, विजय नगर
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