माननीयों की मेंटल जांच हो या नहीं, इस पर कोर्ट का फैसला 26 अगस्त को आएगा। मंगलवार को कोर्ट में दायर एप्लीकेशन पर दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। बता दें कि रेवाड़ी के नयागांव निवासी सतबीर ने लाटरी चलवाने, विसंगतिपूर्ण नियमों के साथ शराब बिकवाने, बुढ़ापा पेंशन, जाति के आधार पर आरक्षण आदि को आधार रखते हुए 10 सांसदों और 80 विधायकों की मेंटल जांच के लिए याचिका डाली थी।
सिविल जज मीता कोहली की कोर्ट में हुई बहस के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। 5 सितंबर को डाले दावे के जवाब में सरकार की ओर से सरकारी वकील ने कहा कि मेंटल जांच के मामले को हाईकोर्ट की ज्यूडीशरी में बताया। जबकि याचिकाकर्ता सतबीर सिंह ने कहा कि उनका दावा सही है क्योंकि सरकार के कई फैसलों से उनका निजी नुकसान हुआ है। बता दें कि नयागांव निवासी सतबीर सिंह के 5 सितंबर को डाले गए दावे में पहली तारीख 28 जुलाई को थी।
कमीशन बनने पर भी होगा फैसला
बाल मजदूरों की वस्तुस्थिति जानने के लिए नयागांव निवासी सतबीर सिंह ने भी एप्लीकेशन लगाई थी। इस मामले में भी सिविल जज मीता कोहली की कोर्ट में 16 अगस्त को ही सुनवाई हुई। इस पर भी बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने 26 अगस्त तक के लिए फैसला सुरक्षित रखा है।