रेवाड़ी। सरकारी विद्यालयों में नौवीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों का अब एक साल खराब नहीं होगा। शिक्षा विभाग ने अब ऐसे विद्यार्थियों को उसी वर्ष दोबारा परीक्षा का अवसर देने का निर्णय लिया है। फेल विद्यार्थियों की 45 दिन के अंदर पुन: परीक्षा कराई जाएगी।
शिक्षा विभाग के फैसले से अब नौवीं और 11वीं कक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थियों का एक साल खराब नहीं होगा। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी कर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जानकारी दी है। जल्द ही परीक्षा का शेड्यूल विद्यालयों को उपलब्ध कराया जाएगा।
अब तक व्यवस्था यह थी कि नौवीं और 11वीं में फेल होने वाले विद्यार्थियों को पूरे साल उसी कक्षा में दोबारा पढ़ाई करनी पड़ती थी। कई बार विद्यार्थी मानसिक दबाव और निराशा के कारण पढ़ाई छोड़ देते थे।
विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष नौवीं और 11वीं कक्षा में फेल होने वाले करीब 20 से 25 प्रतिशत विद्यार्थी दोबारा स्कूल में दाखिला नहीं लेते थे, जिससे ड्रॉपआउट दर लगातार बढ़ रही थी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। पुन: परीक्षा की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों का एक शैक्षणिक वर्ष खराब नहीं होगा और उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे शिक्षा से जुड़े रहेंगे।
सभी स्कूल प्रधानाचार्यों और विषय अध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि फेल हुए विद्यार्थियों की सूची तैयार कर उनकी विशेष कक्षाएं लगाई जाएं। जिन विषयों में विद्यार्थी कमजोर हैं, उन पर अतिरिक्त ध्यान देकर उन्हें पुन: परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा।
अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को दोबारा परीक्षा देने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि कोई भी विद्यार्थी पढ़ाई बीच में न छोड़े।
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विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित होगा
जिला शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा ने बताया कि इस फैसले से न केवल ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी बल्कि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित होगा। विभाग की योजना जून के दूसरे सप्ताह तक पुनः परीक्षा आयोजित करने की है। परीक्षा परिणाम भी जल्द जारी किए जाएंगे ताकि नया शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू किया जा सके।