कोसली। दो दिन से हो रही बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई है। वहीं कोसली कस्बे में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। इसके साथ लोगों को यह आशंका है कि और बारिश होती है तो परेशानी बढे़गी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक जिलेभर में सबसे अधिक 185 एमएम बारिश के कारण गांव भडंगी, टूमना में दो गरीब परिवारों के मकान गिर गए हैं। प्रशासन की लापरवाही शहर व आसपास की कॉलोनियों में साफ दिखाई दे रही है। सीवर ओवरफ्लो हो गए हैं और चारों तरफ पानी व कीचड़ हो गया है। शिव कालोनी, नई बस्ती, सैनिक कालोनी वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सर्विस रोड पर बारिश का पानी चार-चार फीट जमा होने से नाहड़ रोड पर बसे लोगों का शहर से संपर्क टूट गया है। दूसरी ओर बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। खेतों में खड़ी बाजरे, ग्वार और कपास की फसलों में बारिश के बाद नई जान आ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन और बारिश होने की उम्मीद है। अगर इन दो दिनों में अच्छी बारिश होती है तो किसान के लिए सोने पर सुहागा होगा।
टूटी सड़कों ने बढ़ाई परेशानी:
पिछले दिनों हुई बारिश के कारण शहर के आसपास की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले सालावास रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। ऐसे में दो दिन से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया है। इस कारण वाहन फंसने के कारण कई जगह जाम लग गया। टूटी सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का भी अंदेशा बना रहा। शहर के सालावास रोड, कोसली रोड, नाहर रोड व नठेड़ा रोड पर भरे पानी से वाहन चालकों को परेशानी हुई।
नहीं माने गए प्रशासन के आदेश:
हालांकि एक माह पहले ही जिला प्रशासन व उपमंडल प्रशासन ने शहर में सीवर व नालों की सफाई के निर्देश दिए थे। लेकिन प्रशासन के निर्देशों को धता बताते हुए अभी तक नालों की सफाई नहीं हुई। जिस कारण नाले और सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं।
एसडीएम ने टूमना और भडंगी में लिया जायजा
उपमंडल के गांव टूमना में बारिश के पानी की निकासी को लेकर एसडीएम होशियार सिंह ने सोमवार की शाम गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होेंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। गौरतलब है कि पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते गांव ग्राम टूमना में प्रशासन को घरों में पानी घुसने की सूचना मिली। जिसके चलते एसडीएम होशियार सिंह अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और जलभराव क्षेत्र का जायजा लिया। इतना ही नहीं जेसीबी की मदद से पानी को आबादी में घुसने से रोका गया। उन्होंने कहा कि गांव टूमना में जेसीबी की मदद से मिट्टी डलवाकर पानी निकासी की व्यवस्था की गई है, ताकि पानी भराव की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।