चूहों ने रेवाड़ी के फुटबॉल खिलाड़ियों की रफ्तार ही रोक दी है। सुनने में अजीब लगे, लेकिन यह सच है। खेल मैदान में चूहों का इतना जबरदस्त आतंक है कि इनकी निगरानी के लिए बाकायदा एक माली की नियुक्ति है। वह सुबह से शाम तक मैदान को इन चूहों से बचाने का ही प्रयास करता है।
शहर के राव तुलाराम स्टेडियम में बना फुटबॉल मैदान प्रदेश भर में अपनी सुंदरता की छाप छोड़े हैं। आजकल इस सुंदरता पर संकट छाया हुआ है। इसका कारण मैदान में आए चूहे हैं। ये चूहे जमीन में जगह-जगह बिल बना देते हैं। अंदर सुराग करने के कारण मिट्टी धंसती चली जाती है। इससे खिलाड़ियों का खेल प्रभावित होता है। पूरा खेल विभाग इसके चलते बहुत परेशानी से जूझ रहा है।
माली रखता है चूहों का ध्यान
खेल मैदान में सुबह आठ से शाम पांच बजे तक एक माली की नियुक्ति है। यह माली अपना अधिकांश समय इन चूहों को भगाने या इनसे होने वाले नुकसान को ठीक करने में ही लगा रहता है। वह दिनभर जगह-जगह सुराखों को पानी और मिट्टी से भरने का काम करता है। रेवाड़ी में फुटबॉल का मैदान प्रदेश के सबसे सुंदर फुटबॉल के मैदानों में से एक है। चारों तरफ से कवर्ड इस मैदान में हर तरफ घास उगी है, जो हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करती है। फुटबॉल प्रेमी भी इसमें खेल बिना नहीं रहते। पिछले समय से चूहों के आतंक से अब फुटबॉल प्रेमी और कोच भी परेशान हैं।
हो चुके हैं स्टेट लेवल के टूर्नामेंट
इस फुटबॉल को बने एक साल हो चुके हैं। अब इससे संबंधित चेजिंग रूम, चेयर्स सहित अन्य का काम चल रहा है। इसके लिए बाकायदा 15 लाख रुपये का बजट भी आया था। इसी साल इस मैदान में लड़कियों के स्टेट लेवल के टूर्नामेंट भी कराकर रेवाड़ी ने पूरे प्रदेश में वाहवाही लूटी थी। इन चूहों के चलते सभी परेशान हैं।
कोट
फुटबॉल मैदान में चूहों का आतंक है। चूहे मैदान में जगह-जगह बिल बना देते हैं। इससे मिट्टी धंस जाती है। खिलाड़ियों को भी खेलने में बहुत परेशानी होती है। इसके लिए हमारी और से बहुत प्रयास किए जा रहे हैं। - चरण सिंह, फुटबॉल कोच