संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। लघु सचिवालय सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवीपैट का प्रथम रेंडमाइजेशन किया गया। यह तय किया गया कि कौन से विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन सी ईवीएम (बीयू, सीयू, वीवीपैट) आवंटित की गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा की अध्यक्षता एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए प्रथम रेंडमाइजेशन में जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों 72-बावल, 73-कोसली व 74-रेवाड़ी के आधार पर आरक्षित रखी जाने वाली ईवीएम एवं वीवीपैट का आवंटन किया गया। डीसी ने बताया कि विधानसभा चुनावों के तहत भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रथम रेंडमाइजेशन में बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट एवं वीवीपैट का वितरण किया गया। रेंडमाइजेशन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कंप्यूटर पर उपलब्ध भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम पर की गई।
कहा कि चुनाव की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने के लिए रेंडमाइजेशन अति महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दलों की मौजूदगी में करवाई जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत होती है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई हिदायतों की सख्ती से पालना करें। जिला में आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करते हुए आपसी भाईचारा बनाए रखें और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव पूर्ण करने में जिला प्रशासन का सहयोग करें।
इस तरह चली रेंडमाइजेशन प्रक्रिया : ईवीएम रेंडमाइजेशन के तहत सबसे पहले राजनीतिक दलों की मौजूदगी में कंप्यूटर पर ईवीएम मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर पर रेंडमाइजेशन की मॉक ड्रिल की गई। इसके बाद सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की संतुष्टि व सहमति उपरांत ईवीएम का फाइनल रेंडमाइजेशन हुआ तथा विधानसभा अनुसार ईवीएम व वीवीपैट का आवंटन किया गया। इसके उपरांत फाइनल रेंडमाइजेशन का प्रिंट निकालकर जिला निर्वाचन अधिकारी व संबंधित अधिकारियों सहित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर करवाए गए तथा फाइनल रेंडमाइजेशन उपरांत सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को तीनों विधानसभा अनुसार आवंटित की गई ईवीएम व वीवीपैट सूची की एक-एक प्रति उपलब्ध कराई गई।