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अंधड़ ने मचाया कहर, पोल गिरे, पेड़ टूटे, मकान ढहे

Sun, 01 Jun 2014 11:03 PM IST
rewari
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देर रात को आए अंधड़-बारिश ने जमकर तबाही मचाई। अंधड़ के कारण बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के पोल टूट गए जिसके कारण रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ मार्ग पर रविवार सुबह तीन घंटे से भी अधिक समय तक जाम रहा। अंधड़ का कहर इतना अधिक था कि बुडौली गांव के समीप 132 केवी ग्रिड लाइन का टावर भी धराशायी हो गया। अंधड़ से मकानों के टीनशेड़ तक उड़ गए और बड़ी संख्या में बिजली के पोल टूटने की वजह से खोल क्षेत्र के कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। निगम अधिकारियों के अनुसार अंधड़ के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है और सोमवार दोपहर तक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल हो पाएगी।
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क्षेत्र में मौसम का मिजाज शनिवार सायं को ही बदल गया था और धूल भरी आंधी से इसकी शुरूआत हुई। इस दौरान बारिश भी हुई और कुछ समय बाद अंधड़ बंद हो गया। शनिवार रात करीब 12 बजे जब लोग गहरी नींद में सोए हुए तब तेज अंधड़ और बारिश शुरू हुई।

कुछ ही समय बाद अंधड़ और बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया और तूफानी हवाओं के आगे पेड़ और बिजली लाइनों के पोल टूट गए। इतना ही नहीं जिन लोगों ने अपने घरों के ऊपर टीनशेड आदि डाल रखे वह भी तेज हवा के आगे टिक नहीं पाए और टीनशेड़ खेतों में पड़े मिले। अंधड़ की तीव्रता का अहसास सुबह के समय लोगों को हुआ तो उनकी आंखें फटी रही गई। न केवल बिजली लाइनें अपितु बड़ी संख्या में पेड़ धराशायी हो गए। पेड़ और बिजली की लाइन टूटने की वजह से रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रोड पर करीब तीन किमी क्षेत्र तक पेड़ ही पेड़ नजर आ रहे थे। इस कारण रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ मार्ग पर चार घंटे से भी अधिक समय तक यातायात पूरी तरह से बाधित रहा। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाकर यातायात सुचारु कराया।
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बुडौली, नांगल मूंदी, औलांत सहित अन्य गांवों में अधिक नुकसान
अंधड़ और बारिश का सबसे अधिक कहर खंड के बुडौली, नांगल मूंदी, औलांत सहित आसपास के गांवों में अधिक रहा है। अंधड़ से बिजली गुल हो जाने से लोग घरों में कैद हो गए। पशुओं के लिए प्लाटों में लगाई की टीन शेड़ उखड़ कर दूर खेतों में जा गिरी। अंधड से बुड़ौली से नांगल मूंदी सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। सैकड़ों की संख्या में पेड़ इस तूफान से गिर गए। बुडौली से नांगल मूंदी तक कम से 50 भारी भरकम पेड़ सड़क पर गिर गए। बुड़ौली बस स्टैंड से गांव की सड़क पर काफी संख्या में पेड़ धराशायी हो गए। जाम में फंसे लोगों को कच्चे रास्ते से पैदल ही मूंदी तक की यात्रा करनी पड़ी। वहीं प्राइवेट वाहनों ने खेतों से अपना रास्ता निकाल कर मंजिल की तरफ बढ़ रहे है। गांव के निकट 132 केवी ग्रिड लाइन का टावर भी गिर गया। इसके अलावा खेतों में बिजली ट्रांसफर्मर भी गिर गए।

तीन सब स्टेशनों की बिजली आपूर्ति ठप
बुडौली के समीप 132 केवीए ग्रिड लाइन का टावर गिर जाने के कारण गांव पाली स्थित 132 केवी क्षमता वाले सब स्टेशन की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इसके अलावा पाली सब स्टेशन से आने वाली 33 हजार केवी की खोल, अहरोद पावर हाउस की भी लाइनों के पोल गिरने के कारण इन तीनों सब स्टेशनों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। निगम कर्मचारियों ने व्यापक रूप से बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कार्य शुरू कर दिया है लेकिन नुकसान इतना अधिक है निगम अधिकारी मान रहे हैं पूरी तरह से बिजली आपूर्ति सोमवार शाम तक ही बहाल हो पाएगी।

कभी नहीं देखा ऐसा अंधड
गांव बुडौली निवासी मींटू ने बताया कि यह तो अंधड़ नहीं तूफान था और गति इतनी तेज थी कि इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। बिजली के पोल धराशायी हो गए हैं और ट्रांसफार्मर गिर गए है। बुड़ौली सड़क मार्ग पर पेड़ों के गिरने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्लाटों से उड़ी टीन शेड़ अभी नहीं मिली है। सरकार को चाहिए कि वह नुकसान का सर्वे कराकर ग्रामीणों के नुकसान की भरपाई की जाए।

सतबीर सिंह ने बताया कि 12 बजे आए तूफान के समय वह अपने प्लाट में बाहर सोया हुआ था। तेज ध्वनि के साथ आए अंधड़ को देख कर वह टीनशेड़ वाले मकान में घुसा, लेकिन थोड़ी ही देर में उसकी सीमेंट की टीनें उड़ गई और दूर जाकर गिर कर टूट गई। इस अंधड़ में लोगों का भारी नुकसान हुआ है।

करमू ने बताया कि इस अंधड़ में उसके खेतों में बना एक कमरा व हॉल का फट गया। तूड़े से भरा कमरा पूरा तरह तहस-नहस हो गया। उन्होंने बताया कि इस अंधड़ से गांव में भारी तबाही हुई है। बिजली व्यवस्था चौपट हो गई है। लोगों की टीन शेड़ उड़ गई है। कई मकान गिर गए।
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