बावल। जिले में वीरवार को हुई बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। पिछले कई दिनों से मानसून की बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह वर्षा बाजरा और अन्य खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक मानी जा रही है।
समय पर हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बन गई है। इससे हाल ही में बोई गई बाजरे की फसल के अंकुरण और शुरुआती बढ़वार को फायदा मिलने की उम्मीद है। बारिश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश शुरुआती चरण की फसलों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। जिले में बाजरे की फसल करीब 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोई जाती है जो किसानों की प्रमुख खरीफ फसलों में शामिल है।
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लंबे इंतजार के बाद मिली यह वर्षा बाजरे की फसल के लिए बेहद लाभदायक है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से बीजों का अंकुरण बेहतर की उम्मीद है। पहले गर्मी और नमी की कमी से चिंता बढ़ गई थी। यदि आगामी दिनों में भी मानसून का साथ मिलता रहा तो बाजरे की फसल बेहतर होगी।
शेर सिंह, किसान
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बुवाई के बाद शुरुआती दिनों में मिट्टी में पर्याप्त नमी होना आवश्यक होता है। इससे बीजों का अंकुरण बेहतर होता है। समय पर हुई बारिश का सकारात्मक असर आने वाले दिनों में फसल के विकास पर भी देखने को मिल सकता है।
योगेश चौहान, किसान
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वर्जन
वीरवार को सुबह हुई पहली मानसून की वर्षा समय पर हुई है। किसानों को पहले से खेत जुताई में बाजरे की बिजाई कर देनी चाहिए। इससे काफी लाभ मिलेगा।
डॉक्टर नवीन यादव, कृषि अधिकारी
शेर सिंह, किसान
शेर सिंह, किसान