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Rewari News: बारिश संग तेज हवा ने बढ़ाई ठंड, जलभराव से थमी वाहनों की रफ्तार

Wed, 28 Jan 2026 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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अनाज मंडी में बारिश की वजह से हुआ जलभराव। संवाद
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रेवाड़ी। मौसम बदलने के साथ मंगलवार को रुक-रुक कर हुई बारिश और सर्द हवा से ठंड बढ़ गई जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। वहीं शहर के विभिन्न मार्गों पर जलभराव से वाहनों की रफ्तार धीमी हुई। लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। ठंड में सबसे अधिक परेशानी पैदल जाने वालों को हुई। उन्हें पानी से होकर गुजरना पड़ा।
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बारिश के चलते अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कुल 2.5 मिलीमीटर बारिश हुई। सुबह बारिश के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई। बाजारों में भी दिनभर रौनक कम रही। सुबह करीब 11 बजे के बाद कुछ समय के लिए धूप जरूर निकली, जिससे लोगों को हल्की राहत महसूस हुई लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।
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कुछ ही देर बाद फिर से बादलों ने डेरा डाल लिया और फिर बारिश होने लगी। इस दौरान घंटेश्वर मंदिर बाजार मार्ग, जीवली बाजार, गोकल गेट, पुरानी सब्जी मंडी, ब्रास मार्केट, माॅडल टाउन, रेलवे अंडरपास, पुराना कोर्ड रोड, नई अनाज मंडी मार्ग, कुतुबपुर, गुलाबी बाग एरिया, रेलवे अंडरपास, सर्कुलर रोड पर जलभराव हो गया।





वायु गुणवत्ता सूचकांक 315 पहुंचा
मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 315 तक पहुंच गया जबकि दो दिन पहले यह 104 था। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं है। बारिश से केवल धूल के कण कुछ हद तक कम हुए हैं जबकि औद्योगिक धुआं और वाहन उत्सर्जन का असर अभी भी अधिक है। इस तरह की अचानक वृद्धि यह संकेत देती है कि शहर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ सकता है, खासकर सर्दियों में जब वायु धारा धीमी रहती है और प्रदूषक कण हवा में लंबे समय तक बने रहते हैं।
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आज भी हवा संग बारिश और ओलावृष्टि की आशंका

मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। 28 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा के साथ एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। इस पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर सुबह के दौरान रहेगा। इस विक्षोभ के कारण पूर्वी राजस्थान और दक्षिणी हरियाणा के हिस्से में एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। इससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से प्रचुर मात्रा में नमी मिलने की संभावना है, जिससे गरज-चमक वाले बादलों का निर्माण होगा। इस प्रणाली के प्रभाव से ठंडी हवाओं के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी। 31 जनवरी और उसके बाद 3 फरवरी को भी एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इन विक्षोभों के चलते मौसम में लगातार बदलाव जारी रहेगा।


बारिश से किसानों के चेहरे खिले



किसान सूरजभान, संदीप, सुरेंद्र ने बताया कि एक ओर जहां सर्दी के मौसम में फसलों को अतिरिक्त पानी नहीं देना पड़ेगा, वहीं पैदावार बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इससे किसानों को आर्थिक रूप से भी लाभ होगा। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। इससे गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों की बढ़वार अच्छी होगी और सिंचाई की जरूरत भी कम पड़ेगी। हालांकि, बहुत ज्यादा बारिश भी ठीक नहीं है।

अनाज मंडी में बारिश की वजह से हुआ जलभराव। संवाद

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