रेलवे यात्रियों की सुुविधा व सुरक्षा के लिए गठित पैसेंजर एनीमिटीज कमेटी(पीएसी) के सदस्य व उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल के अधिकारियों की ओर से वीरवार को रेवाड़ी रेलवे जंक्शन पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद कहा गया कि करीब साढ़े 5 करोड़ रुपये की लागत से जंक्शन का जीर्णोद्घार किया जाएगा, लेकिन सीसीटीवी और शौचालय के सवाल पर अधिकारियों की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिल पाया। सीसीटीवी के सवाल पर एडीआरएम ने कहा कि एक कंपनी को टेंडर दिया जाना है, उसके बाद यह काम शुरू हो पाएगा। बता दें कि रेवाड़ी रेलवे स्टेशन से बच्चों के गायब होने के बाद से अधिकारियों की ओर से बीते तीन साल से यही जवाब दिया जा रहा है। वहीं शौचालय बंद रहने के सवाल पर खुद की जिम्मेदारी से बचते हुए कहा कि इसको चलाने के लिए एजेंसी बताओ शुरू कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान पीएसी सदस्य वीर कुमार यादव, एडीआरएम आरएस मीणा, सीनियर डीसीएम राकेश, एसएस व आरपीएफ इंस्पेक्टर लक्ष्मण गौड व अन्य मौजूद रहे।
सुरक्षा केे लिए चारों तरफ बनाई जाएगी दीवार
एडीआरएम आरएस मीणा ने कहा कि साढ़े 5 करोड़ रुपये आवंटित होने के साथ एजेंसी को टेंडर भी दे दिया गया है। इसमें सभी प्रकार की टूट-फूट व ड्रेनेज व सुरक्षा के लिए चारों तरफ दीवार आदि बनाने का कार्य किया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार रेवाड़ी जंक्शन पर हर रोज 60 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। लेकिन सुरक्षा व सुविधाओं की बात करें उत्तर पश्चिम रेलवे के अन्य स्टेशन के मुकाबले कम है। गर्मी के दिनों में पेयजल की परेशानी आम है।
अवैध वेंडर पर होगी कार्रवाई दिए गए नोटिस
पीएसी व अधिकारियों के सामने अवैध रूप से जंक्शन पर वेंडर होने की बात सामने आई। टीम की ओ से इसकी जांच की गई, पीएसम सदस्य वीरकुमार यादव ने बताया कि वेंटड को नोटिस दिए गए हैं। किसी भी सूरत में रेलवे जंक्शन पर अवैध काम नहीं होने दिए जाएंगे। इकसे के अलावा अवैध रुप से स्टेशन पर आकर रहने वाले लोगों को भी हटाने के निर्देश दिए गए।
15 साल पहले स्टेशन की स्थिति थी बेहद खराब
स्टेशन की दयनीय हालत पर एडीआरएम ने जवाब देते हुए कहा कि 2004 में जंक्शन बीकानेर मंडल से जयपुर मंडल को मिला था। उस समय इसकी स्थिति बेहद खराब थी। बीते 15 सालों में काफी हद तक सुधार किया गया है। रेलवे की ओर से काम करवाया जा रहा है। दिव्यांगों के लिए रैंप हो या अन्य सुविधाएं रेलवे के एजेंडे में हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पीएसी सदस्य वीरकुमार व अन्य रेलवे अधिकारियों की ओर से निरीक्षण की सूचना मिलने पर स्टेशन अधिकारियों की ओर से साफ-सफाई व पेयजल जैसी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया गया था। बता दें कि पीएसी की 5 सदस्यीय कमेटी व अधिकारी रेलवे पैसेंजर सुविधाओं की जांच के लिए दिल्ली, चंडीगढ़, अंबाला व जयपुर सहित प्रदेश के दर्जनों रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में यात्रियों से बातचीत कर यात्री सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे।
प्लेटफार्म पर ग्रिल लगाने की उठी मांग
रेवाड़ी जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 1 ओर 2 पर अक्सर रेलवे ट्रैक पार करते हुए लोग हादसों का शिकार हो जाते है। बड़ा जंक्शन होने के बावजूद एक से दूसरे प्लेटफार्म के बीच ग्रिल अब तक नहीं लगी है। एडीआरएम के दौरे के दौरान प्लेटफार्म के बीच में ग्रिल लगाने की भी मांग उठी। एडीआरएम ने कहा कि जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
सुरक्षा के सवाल पर गोलमोल जवाब
जंक्शन सुरक्षा के लिहाज से कतई सुरक्षित नहीं है। वर्ष 2014 में एक पैसेंजर ट्रेन में बम तक रख दिया था। लेकिन समय रहते सुरक्षा एजेंसियों को इसका पता चल गया था। जिसके बाद बम को डिफ्यूज कर दिया गया था। इसके अलावा यहां से कई मासूम बच्चों का अपहरण तक हो चुका है। बावजूद इसके सुरक्षा के लिहाज से यहां कुछ नहीं है। जंक्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी काफी खराब है। इसको लेकर भी काफी बार आवाज उठी। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु लेकर स्टेशन पर आराम से प्रवेश कर सकता है। लेकिन फिर भी आज तक यहां मैटल डिटेक्टर तक नहीं लगा हुआ है।
शौचालयों पर लटका मिला ताला
स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा का जायजा लेने के लिए अचानक पहुंचे एडीआरएम आरएस मीणा साफ-सफाई, पीने के पानी की व्यवस्था और शौचालय भी पहुंचने पहुंचे। इस दौरान स्टेशन पर बने कई शौचालयों पर ताला लटका हुआ था। इस पर स्टेशन अधीक्षक से जवाब तलबी की तो स्टेशन अधीक्षक बोले साहब लोग गंदा कर चले जाते है। इसलिए ताला लगाया हुआ महै। आप ही नोडल एजेंसी लेकर आओ इसे शुरू करा दिया जाएगा।