कोसली। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन राज्य प्रधान सतपाल सिंधु की अध्यक्षता में फरवरी 2024 में आरंभ हो रही बोर्ड परीक्षाओं, ऑनलाइन डिजिटल मार्किंग, मानदेय, एनरोलमेंट और अध्यापकों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर बोर्ड चेयरमैन डॉ. वीपी यादव और संबंधित शाखाओं के अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस दौरान मांग रखी गई कि यदि बोर्ड की परीक्षाओं के बीच में एक दिन की छुट्टी है तो ड्यूटी स्टाफ को स्कूल में उपस्थिति दर्ज नहीं करानी पडे़गी। ऑब्ज़र्वर और सुपरिंटेंडेंट की ड्यूटी सब-डिवीजन स्तर एवं डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की ड्यूटी ब्लॉक स्तर पर लगाई जाएगी। स्टाफ स्टेटमेंट को अपडेट करने के लिए परीक्षाओं से 15 दिन पहले बोर्ड पोर्टल दोबारा से खोला जाएगा। ताकि डीडीओ, सीसीएल, मैटरनिटी पर गए अध्यापकों की डयूटी ना लगाई जाए। सभी प्रकार की डयूटी वरीयता के आधार पर लगाई जाएंगी।
अबकी बार बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के सत्यापन के लिए क्यू आर कोड प्रणाली का प्रयोग किया जाएगा एवं ओपन परीक्षाओं में 45 मिनट पहले परीक्षार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी और प्रत्येक कमरे में ड्यूटी दे रहे निरीक्षक को मोबाइल फोन देकर परीक्षार्थियों को सत्यापित करने का कार्य किया जाएगा ताकि प्रतिरूपण के मामलों को पहले ही पकड़ा जा सके। परीक्षाओं में विभिन्न प्रकार की ड्यूटी मानदेय को बढ़ाने पर सहमति बनी।
बोर्ड चेयरमैन ने दिए ये आदेश
बोर्ड चेयरमैन ने स्टॉफ स्टेटमेंट में पद और अनुभव आदि की गलत जानकारी भरने वाले स्कूल प्रिंसिपल को चार्जशीट करने की सिफारिश करने के निर्देश दिए। प्रायोगिक परीक्षाओं में लगे प्राध्यापक ड्यूटी स्टेशन पर 12 घंटे से ज्यादा का ठहराव दिखाकर 500 रुपये डीए क्लेम कर सकेंगे। अगर किसी सेंटर सुपरिंटेंडेंट को प्रश्न पत्र का केंद्र दूर पड़ता है और वो अपने नजदीकी सेंटर से प्रश्न पत्र लेना चाहता है तो वो लिखित प्रार्थना पत्र देकर अपना केंद्र बदलवा पाएगा।
मार्किंग ड्यूटी लगाने से पहले अध्यापकों की सहमति लेने का होगा प्रयास
बोर्ड द्वारा डिजिटल मार्किंग ड्यूटी लगाने से पहले अध्यापकों की सहमति लेने का प्रयास किया जाएगा। पहले दिन अध्यापकों को ऑनलाइन मार्किंग के प्रशिक्षण के साथ प्रत्येक अध्यापक को निजी तौर पर मार्किंग प्रशिक्षण की वीडियो भेजी जाएगी। मार्किंग से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रशिक्षित किया जाएगा। ऑनलाइन मार्किंग में प्रत्येक दिन 30 उत्तर पुस्तिकाएं चेक करने के निर्देशों पर संगठन ने विरोध दर्ज कराया और केवल 20 उत्तरपुस्तिकाए चेक कराने की मांग रखी। मार्किंग से सम्बंधित मानदेय बढ़ाने की मांग पर बोर्ड़ चेयरमैन ने सकारात्मक आश्वासन दिया। मार्किंग में उन्ही अध्यापकों की डयूटी लगाई जाएगी जो सम्बंधित कक्षा को लगातार पिछले 3 साल से पढ़ा रहा हो। मार्किंग में हेड एग्जामिनर को दोबारा निरीक्षण के लिए सम्बंधित सेंटर पर मार्किंग कर रहे सब एग्जामिनर की ही उत्तर पुस्तिकाए उपलब्ध कराई जाएंगी। सिंगल एग्जामिनर की व्यवस्था को कम से कम प्रयोग में लाया जाएगा।