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मतदान केंद्रों पर मुहैया कराएं आवश्यक सुविधाएं : डीसी

Wed, 27 Mar 2024 02:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिला निर्वाचन अधिकारी व उपायुक्त राहुल हुड्डा ने भारत निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन जारी करते हुए अधिकारियों को मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल हुड्डा ने बताया कि मौसम विभाग ने मार्च से जून तक लू और गर्मी के आशार जताए हैं। ऐसे में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ओर से क्या करें और क्या न करें के बारे गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाताओं के लिए बनाए जाने वाले मतदान केंद्रों पर मतदाताओं व पोलिंग अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने बारे दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि सेक्टर अधिकारी प्रत्येक मतदान केंद्रों, स्थानों का दौरा वहां की स्थिति की जानकारी ले लें। मतदान केंद्र पर वृद्ध और विकलांग मतदाताओं के लिए भूतल मतदान की व्यवस्था की जाए। मतदान केंद्रों की स्थापना इस प्रकार की जानी चाहिए कि सामान्यत: किसी भी मतदाता को वोट डालने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। मतदान केंद्रों पर प्रवेश और निकास द्वार होने चाहिए। विकलांग मतदाताओं और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी मतदान केंद्रों पर रैंप होना चाहिए। पेयजल की स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए।
मतदान एजेंट के लिए मतदान केंद्र में हो फर्नीचर की उचित व्यवस्थाएं:
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान दलों और मतदान एजेंटों के लिए मतदान केंद्र के अंदर फर्नीचर जैसे टेबल, कुर्सियां और बेंच आदि की उचित व्यवस्थाएं होनी चाहिए। प्रत्येक मतदान केंद्र पर विकलांग, गर्भवती या वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए पर्याप्त कुर्सियां व बेंच भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदान कक्ष के अंदर पर्याप्त रोशनी हो, हालांकि, मतदान केंद्र पर ईवीएम और वीवीपैट स्थापित करते समय, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रकाश सीधे न पड़े। मतदान कक्ष यदि आवश्यक हो तो प्रत्येक डिब्बे के लिए उपयुक्त अतिरिक्त प्रकाश की व्यवस्था की जानी चाहिए। मतदान कक्ष के ठीक ऊपर या सामने हैलोजन लैंप या 200 वाट के बल्ब लगाने से सख्ती से बचना होगा। यदि बिजली कनेक्शन उपलब्ध है, तो स्विच/बल्ब/पंखों की स्थिति की जांच की जानी चाहिए। यदि इलाके या विद्युत नेटवर्क की निकटता के कारण अस्थायी रूप से भी बिजली कनेक्शन प्रदान नहीं किया जा सकता है, तो वैकल्पिक व्यवस्था (जैसे पेट्रोमैक्स, लालटेन, बैटरी चालित एलईडी / चार्जर लाइट आदि) और जनरेटर सेट आदि किराए पर लिए जा सकते हैं ताकि मतदान के दिन, उन मतदान केंद्रों पर समुचित रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। मतदाताओं के मार्गदर्शन के लिए मतदान केंद्र स्थानों के पास और स्थानों पर उचित साइन बोर्ड लगाए जाने चाहिए।

मतदान केंद्रों पर हो शौचालय की व्यवस्था

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया प्रत्येक मतदान केंद्र पर पुरुष और महिला मतदाताओं के लिए अलग-अलग शौचालय होने चाहिए। यदि दो शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, तो महिला मतदाताओं के लिए एक पक्का शौचालय और पुरुष मतदाताओं के लिए एक अस्थायी शौचालय उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ऐसा न होने पर मोबाइल टॉयलेट वैन का प्रावधान किया जाए। सफाई के लिए एक कर्मचारी की तैनाती की जाए। मतदान केंद्र पर छाया का विशेष प्रबंध होना चाहिए। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों नर्सिंग माताओं अन्य के लिए पर्याप्त कुर्सियां बेंच हों। प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं के साथ आने वाले बच्चों के लिए क्रेच की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।

मतदान केंद्रों पर मतदाता सहायता बूथ भी बनेगा
प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक मतदाता सहायता बूथ स्थापित किया जाएगा जिसमें बीएलओ व अधिकारियों की एक टीम होगी। ताकि मतदाताओं को संबंधित मतदान केंद्र की मतदाता सूची में उनके मतदान केंद्र संख्या और क्रम संख्या का सही पता लगाने में सहायता मिल सके। मतदाता सहायता बूथ की स्थापना के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे तैनात कर्मचारियों के बैठने के लिए टेबल, कुर्सियां आदि सहित बुनियादी फर्नीचर, उचित छाया के साथ एक छोटा ढका हुआ तंबू और बैक-ड्रॉप बैनर के रूप में प्रमुख संकेत मतदाता सहायता बूथ और मतदाताओं के मार्गदर्शन के लिए दिशा-निर्देश संबंधित आरओ द्वारा पहले से ही बनाए जाने चाहिए। मेडिकल किट, प्राथमिक चिकित्सा किट की व्यवस्था होनी चाहिए। इस संबंध में, डीईओ को जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के परामर्श से दवाओं और उपयोगकर्ता निर्देशों की एक मानक सूची तैयार करनी चाहिए।
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गर्भवती महिलाओं को दी जाए विशेष प्राथमिकता

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और गोद में बच्चे वाली महिला मतदाताओं को भी कतार में अन्य मतदाताओं की तुलना में विशेष प्राथमिकता दी जाए। लंबी कतारों वाले मतदान केंद्रों पर आवश्यक होने पर बीच-बीच में कुर्सियां लगाई जा सकती हैं, ताकि मतदाताओं को कुछ मिनटों के लिए आराम मिल सके।
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