भवन को लीज पर देने के मामले को लेकर बैठक करते लोग। संवाद
रेवाड़ी। शहर के सेक्टर-4 स्थित कन्या विद्यालय के भवन को एक निजी संस्था को लीज पर देने का विवाद थम नहीं रहा है। शनिवार को भवन के अंदर सामान लेकर पहुंचे एक टेंपो को देख धरने पर बैठे लोग भड़क गए। इसके बाद पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव भी पहुंच गए। कैप्टन अजय व अन्य लोगों ने स्कूल में पहुंच कर टेंपो के अलावा श्रमिकों को भी भवन से बाहर निकाल दिया। वहीं शिक्षा बचाओ, स्कूल बचाओ संघर्ष कमेटी का कहना है कि इस भवन एवं परिसर को सरकार ने विकल्प एनजीओ को लीज पर दिया हुआ है। जब तक लीज रद्द नहीं की जायेगी, यह कैसे मान लिया जाए कि एनजीओ को यहां से उठाया जायेगा। लीज एक कानूनी डॉक्यूमेंट है, जिसकी कानूनी मान्यता है। जब तक लीज अस्तित्व में रहेगी तब तक एनजीओ का कानूनी अधिकार कायम रहेगा। आज आंदोलन का दबाव है, कल आंदोलन नहीं रहेगा तो यह एनजीओ यहीं बरकरार रह जायेगा। सरकार के प्रतिनिधि जनता को बहलाना और बहकाना छोड़कर 11 जून को ठीक 11 बजे लीज रद्द का आदेश धरना स्थल पर ले आए अन्यथा ताला लगा दिया जायेगा।
सुपर-100 प्रोग्राम के तहत आईआईटी और नीट की तैयारी कराने वाली विकल्प संस्था को शिक्षा विभाग ने शहर के सेक्टर-4 स्थित सरकारी भवन को लीज पर दे दिया था। इसका शिलान्यास करने 1 जून को खुद प्रदेश के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर रेवाड़ी पहुंचे थे। कार्यक्रम में विवादित बयान देने के साथ ही शिक्षा मंत्री ने विकल्प संस्था चलाने वाले व्यक्ति की जमकर तारीफ की थी।
4 दिनों से चल रहा विवाद
विकल्प संस्था को भवन लीज पर देने का विवाद पिछले चार दिनों से पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों ने भी इसका खुलकर विरोध किया है। इस मामले को लेकर 3 दिन पहले कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव व रेवाड़ी से कांग्रेसी विधायक चिरंजीव राव ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मुलाकात की थी। शुक्रवार को भवन के बाहर भाजपा से जुड़े पूर्व विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास के आह्वान पर धरना भी शुरू हो गया। संस्था को चलाने वाले व्यक्ति को महाठग बताते हुए सरकार पर भी निशाना साधा। साथ ही 11 जून को भवन पर तालाबंदी की चेतावनी दी।
सरकार लगा चुकी रोक
सेक्टर-4 में बनी भवन के अलावा 6 एकड़ जमीन है, जिसको लेकर पूरा विवाद है। खाली पड़ी जमीन पर संस्था के संचालक ने निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया। मामला सीएमओ तक पहुंचने के बाद शुक्रवार की देर शाम आदेश जारी हो गए कि इस पर किसी तरह का कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। साथ ही लीज पर दी गई जमीन को वापस लेने की तैयारी शुरू हो गई। सरकारी आदेशों के बावजूद संस्था संचालक ने काम रोकने की बजाय निर्माण कार्य जारी रखा। इसको देखते हुए शनिवार को भवन के बाहर धरना दे रहे लोगों ने हंगामा कर दिया। पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव भी पहुंचे और अंदर काम कर रहे श्रमिकों को बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं सामान लेकर पहुंचे टेंपो चालक को भी बाहर निकाल दिया गया।
कन्या विद्यालय के लिए बनी थी बिल्डिंग
कई साल पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सेक्टर-4 की जमीन को अधिग्रहण किया था। इसमें करीब 6 एकड़ जमीन कन्या विद्यालय के लिए अधिग्रहण हुई थी। जिसमें आलीशान भवन बनाया गया। कन्या स्कूल को कुछ समय के लिए यहां शिफ्ट किया गया। उसके बाद इस भवन को अस्थाई तौर पर चल रहे सैनिक स्कूल को चलाने के लिए दे दिया।
ब्वॉयज कॉलेज को शिफ्ट करने की चल रही थी मांग
सैनिक स्कूल का भवन बनने के बाद अब ये बिल्डिंग पूरी तरह खाली थी। कुछ दिन पहले इसे विकल्प संस्था को लीज पर दे दिया गया। जबकि, रेवाड़ी का बॉयज कॉलेज सिर्फ 4 कमरों में चल रहा है। लंबे समय से इस कॉलेज को सेक्टर-4 की बिल्डिंग में शिफ्ट करने की मांग की जा रही थी। वहीं, पिछले दरवाजे से इसे एक प्राइवेट संस्था को लीज पर दे दिया गया।