गांव खटावली में जनसभा के दौरान उपस्थित ग्रामीण। स्त्रोत : संगठन
रेवाड़ी। भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध और किसान-मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाए जा रहे किसान-मजदूर अभियान के तहत सोमवार को गांव खटावली में जनसभा हुई। इसमें संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 22 जुलाई को प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
जनसभा में राजेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अमेरिका के साथ किया जा रहा एफटीए देश के किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ है। यह समझौता बड़े कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला है। इससे छोटे किसानों और श्रमिकों की समस्याएं बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही बढ़ते कर्ज, खेती की बढ़ती लागत और फसलों के उचित दाम न मिलने जैसी कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। मजदूरों के सामने रोजगार का संकट गहराता जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में किसानों और मजदूरों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना होगा। उन्होंने लोगों से अभियान को मजबूत बनाने और अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया।
जनसभा की अध्यक्षता करतार सिंह ने की। इस अवसर पर रामकुमार निमोठ, शेर सिंह मीरपुर, खेमचंद ढाकिया, धर्म सिंह राजपुरा ने संबोधित किया।