फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सितंबर में परीक्षा कराने के फैसले का विरोध, छात्र संगठनों ने किया प्रदर्शन

विज्ञापन
आईजीयू मीरपुर के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठे विद्यार्थी। - फोटो : Rewari
विज्ञापन
रेवाड़ी। मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से सितंबर में परीक्षाएं करने के फैसले से नाराज छात्र संगठनों ने वीरवार को इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर के गेट पर प्रदर्शन कर प्रतियां जलाईं। छात्रों ने एमएचआरडी के फैसले के बाद यूजीसी द्वारा जारी गाइडलाइन को गलत ठहराया। यूजीसी को दिए गए परीक्षा कराने के संदर्भ में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों में रोष है। विद्यार्थियों का कहना है कि जब विश्वभर में कोरोना महामारी फैल रही है तो इस समय परीक्षा लेने का कोई औचित्य नहीं है। इस कठिन दौर में हर कोई भयभीत है। ऐसे में यह परीक्षा कैसे दी जा सकती है।
विज्ञापन

विद्यार्थियों ने शीघ्र ही अगले सत्र में प्रमोट करने की मांग उठाई है। विद्यार्थियों का कहना है कि सरकार व विभाग बार-बार निर्णय बदलकर विद्यार्थियों को परेशानी में डाल रहा है। सरकार पूर्व में लिए गए निर्णय पर अपनी मोहर लगाकर विद्यार्थियों के प्रति अपनी सहानुभूति दिखाने का कार्य करे। छात्र संघ के पूर्व प्रधान पुष्पेंद्र यादव के नेतृत्व में सैकड़ों विद्यार्थियों ने आईजीयू के मुख्य गेट पर धरना दिया। पुष्पेन्द्र यादव ने कहा कि यूजीसी द्वारा जारी गाइड लाइन इस संकट के दौर में सही नहीं है। सरकार ने कोरोना संक्रमण के खतरे के चलते पहले ही परीक्षा नहीं लेने का फैसला दे दिया था। एक और प्रदेश सरकार युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार की साझेदारी के सपने दिखा रही है वहीं दूसरी ओर संकट के समय ऐसे फैसले लेकर विद्यार्थियों को संकट में डाल रही है। विद्यार्थी इसका कड़ा विरोध करते रहेंगे। इस अवसर पर राहुल बुड़ाना, राहुल एमबीए, भूपेश कौशिक, रोहति एमए, अभिषेक व हरीश सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें