शहर से सटे गांव फिदेड़ी की कोविड स्पेशल जेल से फरार हुए कैदियों का 36 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। जिले की दोनों सीआईए टीमों के अलावा चार टीमें एनसीआर के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रही है। वहीं महेंद्रगढ़ जिले की पुलिस भी अपराधियों का सुराग लगाने के लिए अपने जिले में दबिश दे रही है, लेकिन दोनों ही जिलों की पुलिस के हाथ अभी कोई कामयाबी नहीं लगी है। वहीं जेल ब्रेक कांड की जांच सरकार ने आईजी जेल को सौंपी है। आईजी को जांच के लिए सोमवार को फिदेड़ी पहुंचना था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं पहुंच पाए। मंगलवार को वह जांच के लिए जेल में पहुंच सकते हैं।
बता दें कि शनिवार की रात फिदेड़ी की कोविड स्पेशल जेल में बंद 13 कुख्यात अपराधी बैरक की ग्रिल काटकर चादर को रस्सी बनाकर फरार हो गए थे। सुबह गिनती होने पर जेल प्रशासन को उनके गायब होने की जानकारी मिली थी। उसके बाद से ही जेल प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन तक में हड़कंप मचा हुआ है। फरार होने वाले ज्यादातर अपराधी रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिले में नामजद है। उन्हें कुछ दिन पहले ही कोविड पॉजिटिव पाये जाने के बाद फिदेड़ी की जेल में शिफ्ट किया गया था। इस जेल को सरकार ने प्रदेश की पहली कोविड स्पेशल जेल बनाया हुआ है। हालांकि फिदेड़ी की जेल में कैदियों को शिफ्ट करने की जल्दी इसी से समझी जा सकती है कि इस जेल की अभी चहारदीवारी तक का निर्माणकार्य पूरा नहीं हुआ है। जेल का 20 प्रतिशत से ज्यादा काम अधूरा पड़ा है। कोविड स्पेशल जेल में उन अपराधियों को हाल में लाया गया है, जो प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद होने के साथ कोरोना पॉजिटिव पाये गए थे।
दिनभर चला बैठकों का दौर, बैैरक में तैनात कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच जारी
जेल ब्रेक कांड को लेकर जेल प्रशासन दिनभर बैठक में व्यस्त रहा। उच्च अधिकारियों ने भी जिला स्तर पर जेल अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी जुटाई। आईजी जेल किसी भी दिन मामले की जांच के लिए पहुंच सकते है। जेल ब्रेक कांड में बैरक में तैनात कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, क्योंकि उस वक्त दो कर्मचारी बैरक में ड्यूटी पर थे।