रेवाड़ी। जिले के राजकीय स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को पढ़ाने वाले प्राथमिक शिक्षकों छह दिन प्रशिक्षण केंद्रों पर रहकर फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) का प्रशिक्षण लेना होगा। प्रशिक्षण सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक ब्लॉक स्तर पर बनाए गए केंद्रों में होगा। प्रत्येक बैच में करीब 40 से 45 शिक्षक शामिल होंगे। हालांकि अभी प्रशिक्षण की तिथियां नहीं घोषित की गईं हैं।
अलग-अलग बैच में प्रशिक्षण होने के कारण सभी शिक्षक एक साथ स्कूल से बाहर नहीं रहेंगे, लेकिन संबंधित बैच के शिक्षक छह दिन तक स्कूल में उपलब्ध नहीं रहेंगे। इससे प्राथमिक कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
शिक्षक इससे पहले एसआईआर के कार्य में भी व्यस्त रहे हैं। एफएलएन प्रशिक्षण का उद्देश्य कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों में पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय दक्षताओं को मजबूत करना है।
शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार गतिविधियां तैयार करने और उन्हें कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने की जानकारी दी जाएगी। साथ ही लर्निंग आउटकम सुधारने और विद्यार्थियों की सीखने संबंधी कमियों की पहचान पर जोर रहेगा।
प्रशिक्षण में अपेक्षित स्तर से पीछे रहने वाले विद्यार्थियों के लिए फोकस्ड रेमेडिएशन की जानकारी दी जाएगी। इसके तहत बच्चों की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त और लक्षित शिक्षण गतिविधियां कराने के तरीके बताए जाएंगे। विभाग की ओर से ब्लॉकवार बैच और प्रशिक्षण स्थल तय किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूरी की जा रही हैं।
छह दिन में प्री और पोस्ट टेस्ट भी :
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों का प्री और पोस्ट-टेस्ट लिया जाएगा। इसके साथ ही उपस्थिति, टीचर किट, हैंडआउट और प्रशिक्षण से संबंधित दस्तावेज की रिपोर्टिंग भी की जाएगी। प्रशिक्षित एसटीजी और केआरपी शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे
वर्जन :
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शिक्षकों को छह दिन की ट्रेनिंग देना नहीं है बल्कि प्रशिक्षण में सीखी गतिविधियों और तकनीक को विद्यालयों की कक्षाओं तक पहुंचाना है। इससे बच्चों के पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय कौशल में सुधार लाने का लक्ष्य है।-चरण सिंह,जिला एफएलएन समन्वयक रेवाड़ी