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बाजारों में वन-वे करने की तैयारी, गोकलगेट से डिवाइडर रखने शुरू

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रेवाड़ी। शहर के मुख्य बाजारों में जाम से राहत देने के लिए रेलवे चौक से लेकर भाड़ावास गेट तक वन-वे करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए गोकलगेट के पास डिवाइडर लगाने शुरू कर दिए गए हैं।
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तर्क दिया जा रहा है कि यदि यातायात एक दिशा में चलेगा तो पूरा दिन बाजारों में लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सकेगी। लेकिन तकनीकी बिंदु ये है कि किसी भी सड़क को वन-वे करने के लिए एक तरफ की रोड कम से कम 7.5 मीटर होनी चाहिए। जानकारों का मानना है कि एक गाड़ी के लिए कम से कम 3.5 मीटर चौड़े रोड की जरूरत होती है, यदि जाम लग जाए तो दूसरी गाड़ी निकालनी जरूरी है। ऐसे में सवाल है कि एक बार फिर से लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी हालात तीन साल पहले जैसे न बन जाएं।
वर्ष 2017 में शहर के रेलवे चौक से लेकर, गोकलगेट, मोती चौक होते हुए भाड़ावास गेट तक 10 लाख रुपये से अधिक की लागत से सीमेंट के बने हुए डिवाइडर रखे गए थे। बाजार में ही एक बड़े शोरूम में आग लगने पर दमकल गाड़ी पहुंचने में परेशानी हुई तो इन डिवाइडर को हटाने की जरूरत महसूस की गई। कुछ दिनों बाद ही गीता जयंती कार्यक्रम हुआ तो आननफानन में नगर परिषद की ओर से डिवाइडर हटा दिए गए।
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रेहड़ियां जब्त.. वेंडिंग जोन चिह्नित करने में विफल
बाजारों में अतिक्रमण को लेकर घिरे नगर परिषद अधिकारियों की ओर से बुधवार को रेहड़ियां सामान सहित जब्त की गईं। यदि रेहड़ियों से अतिक्रमण हो रहा है तो कार्रवाई भी जरूरी है, लेकिन इससे पहले प्रशासन को रेहड़ी संचालकों के लिए वेंडिंग जोन का निर्धारण करना चाहिए ताकि वह अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। व्यापारियों का कहना है कि नगर परिषद की ओर से इंतजाम नहीं किए गए, पहले से ही कोरोना की मार झेल रहे लोगों की रेहड़ियां जब्त की जा रही हैं। नप अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक रूप से 6 स्थान वेंडिंग जोन के लिए चिह्नित किए गए हैं, जल्द ही एक को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
पहले लोन दिया, अब रेहड़ी जब्त कर दी, कहां से भरें किश्त
शहर के मोती चौक के पास करीब 35-40 साल से रेहड़ी लगाकर परिवार चलाने वाले शिवकुमार ने बताया कि नगर परिषद की ओर से पहले 10 हजार रुपये का लोन दिया गया, अब रेहड़ियों को जब्त किया जा रहा है। ऐसे में कहां से लोन की किश्त भर पाएंगे। उनका कहना है कि जाम एक तरफ लगी रेहड़ी से नहीं लगता है।
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नप कार्यकारी अभियंता हेमंत यादव से बातचीत...
प्रश्न : डिवाइडर परेशानी के चलते हटाए गए थे, अब दोबारा क्यों?
उत्तर : शहर को जाम से मुक्ति के लिए बाजरों में वन-वे करने की योजना है। इसके चलते ही डिवाइडर लगाए जा रहे हैं।
प्रश्न : आगजनी की स्थिति में बड़े वाहन कैसे बाजार में आ पाएंगे?
उत्तर : इसको लेकर भी मंथन चल रहा है, जल्द कुछ समाधान करेंगे।
प्रश्न : वन-वे करने को क्या एक तरफ का रास्ता क्या 7.5 मीटर होना जरूरी है?
उत्तर : एक तरफ 7.5 मीटर का रास्ता जरूरी है, इसकी पैमाइश करवाई जाएगी।
प्रश्न : व्यापारियों व आम लोगों के लिए वन-वे परेशानी बढ़ा सकता है।
उत्तर : सभी लोगों के हितों को देखते हुए इसको करने का प्रयास है।
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