रेवाड़ी। धनतेरस और दिवाली को लेकर शहर के पीतल बाजार में तैयारियां तेज हो गई हैं। दुकानदारों ने बर्तनों की नई खेप मंगानी शुरू कर दी है। वहीं, पिछले साल की तुलना में इस बार पीतल के दाम में करीब 350 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे ग्राहकों को बर्तन खरीदने के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
कारोबारियों के अनुसार पिछले साल पीतल के भाव करीब 750 रुपये प्रति किलो के आसपास थे, जबकि इस बार बढ़कर करीब 1100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। बाजार में पीतल की थाली, गिलास, कटोरी, लोटा, डिब्बे और अन्य घरेलू सामान की मांग दिवाली के नजदीक बढ़ने लगी है।
कारोबारियों का कहना है कि धनतेरस पर पीतल के बर्तनों की खरीदारी को शुभ माना जाता है। इसी वजह से इस दिन बाजार में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। धनतेरस पर पीतल के बर्तनों का करोड़ों रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है।
कारोबारियों के मुताबिक धनतेरस के आसपास मांग बढ़ने पर दाम में हल्की बढ़ोतरी भी हो सकती है। हालांकि बाजार में ग्राहकों की खरीदारी पर कीमतों का असर पड़ने की संभावना है।
महंगाई के कारण पीतल की खरीदारी सीमित हुई
लघु कुटीर उद्योग के प्रधान बीरबल वर्मा ने बताया कि पीतल के दाम बढ़ने से कारोबार प्रभावित है। महंगा होने के कारण लोगों ने पीतल के बर्तनों की खरीदारी काफी कम और सीमित कर दी है। धनतेरस पर पीतल के बर्तन खरीदने का प्रचलन होने के कारण लोग खरीदारी करते हैं, लेकिन इस बार भी अधिकांश लोग जरूरत के हिसाब से ही सामान खरीद रहे हैं।
महंगाई से मांग घटी
लघु कुटीर उद्योग के उपप्रधान सोमदत्त ने बताया कि धनतेरस पर छोटे-बड़े पीतल के बर्तनों की काफी मांग रहती है, लेकिन महंगाई के कारण खरीदारी प्रभावित हुई है। लोग अब जरूरत के हिसाब से ही पीतल के बर्तन खरीद रहे हैं। धनतेरस को देखते हुए बाजार में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और कारोबारियों को पर्व पर बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
बीरबल वर्मा
बीरबल वर्मा
बीरबल वर्मा