संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एम्स के लिए गांव माजरा में प्रस्तावित जमीन की रजिस्ट्री प्रकिया वीरवार को पूरी कर ली गई। अमेरिका में रह रहे भूस्वामी सुधीर की ही जमीन बाकी रह गई थी जिसकी रजिस्ट्री वीरवार को करा दी गई। सुधीर ने अपनी जमीन की जीपीए भाई विनोद के नाम कराकर भेज दी थी। संबंधित सभी किसानों की जमीन अब सरकार के नाम हो चुकी है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने 23 सितंबर को राव तुलाराम के शहीदी दिवस पर एम्स के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों एम्स का शिलान्यास कराने के लिए चल रहे प्रयासों को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। वीरवार को डीसी व एसपी ने अधिकारियों के साथ एम्स की भूमि का जायजा लिया। डीसी राहुल हुड्डा व एसपी दीपक सहारन के साथ अन्य अधिकारियों ने माजरा स्थित जमीन पर पहुंचकर हेलीपैड व जनसभा स्थल बनाने को लेकर मंथन किया। राव इंद्रजीत सिंह की ओर से भेजे गए आमंत्रण पत्र को अगर प्रधानमंत्री स्वीकार कर लेते हैं तो सितंबर के पहले सप्ताह में उनके कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि एम्स संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने एम्स के लिए 210 एकड़ जमीन सरकार के नाम कराने के लिए अथक प्रयास किया था। नाबालिगों व एक कोमा मरीज की रजिस्ट्री कराने में समिति को ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। किसानों से संबंधित जमीन सरकार के नाम होने के बाद अमेरिका के बोस्टन में रह रहे ताराचंद के बेटे सुधीर की 2 कनाल 8 मरला जमीन को लेकर मामला अटका हुआ था। समिति के पदाधिकारियों के आग्रह पर सुधीर ने भी जीपीए अपने भाई विनोद के नाम बनवाई दी थी। जीपीए मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने वीरवार को सुधीर की जमीन रजिस्ट्री करा ली। इसके साथ ही एम्स के लिए 210 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। अब प्रशासन शिलान्यास की तैयारी में जुट गया है।
वर्जन
एनआरआई ने जमीन की जीपीए अपने भाई विनोद के नाम कर दी थी। इसके आधार पर वीरवार को उनकी जमीन की रजिस्ट्री हो गई है। अब यह जमीन सरकार के नाम हो गई है। अब कोई भी रजिस्ट्री बाकी नहीं है।-निशा तंवर, नायब तहसीलदार मनेठी उपतहसील।