जाट आरक्षण की मांग को लेकर बावल के प्राणपुरा बस स्टैंड पर चल रहा जाटों का धरना दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। आंदोलन को काबू में रखने के लिए पुलिस बल भी प्राणपुरा-राणौली एवं किशनपुरा में चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा। आंदोलनकारियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने के लिए गुप्तचर विभाग भी धरने स्थल के आसपास सतर्क दिखे। सोमवार को धरनास्थल पर बुजुर्गों की संख्या अधिक रही। धरने से महिलाएं जहां नदारद रही वहीं युवा भी इक्का-दुक्का ही नजर आए। धरना स्थल पर आसपास के कई गांवों के जाट भी पहुंचे।
सुबह नौ बजते ही अलर्ट हो जाती है पुलिस
जाटों को जाट आरक्षण भवन में धरने की अनुमति नहीं मिलने के बाद जाटों ने अपना धरना प्राणपुरा बस स्टैंड पर शुरू किया था। जाट यहां पर सुबह नौ बजे से पांच बजे तक धरना देते हैं। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला महासचिव जीतराम का कहना है कि प्रशासन के रवैये के कारण वह ठंड के बीच खुले में धरना देने के लिए मजबूर हैं। वह एक फरवरी तक इंतजार करेंगे। इसके बाद समाज के लोगों की सलाह कर आंदोलन जाट आरक्षण भवन में ही शुरू किया जाएगा। गौरतलब है कि जाट आरक्षण भवन पर ताला लटका हुआ है।
स्कूल एवं टैंक के पास तैनात है पुलिस बल
किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन की ओर से धरना स्थल के आसपास के तीनों गांवों से गुजरने वाले रेवाड़ी-जयपुर रेलवे ट्रैक के आसपास एवं स्कूलों में पुलिस बल तैनात है। पुलिस एवं प्रशासन विभाग के उच्चाधिकारी भी यहां पर तैनात अधिकारियों से बराबर संपर्क में बने हुए हैं। राणौली स्थित जाट भवन के पास भी पुलिस द्वारा विशेष सावधानी बरती गई है।