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तीन सौ घरों की बिजली गुल होने पर हंगामा, लगाया जाम

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बिजली दफ्तर में हंगामा करते लोग - फोटो : Rewari
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अचानक उमस बढ़ने से बिजली की खपत भी बढ़ गई। इससे बिजली व्यवस्था चरमरा गई। सेक्टर 10 पावर हाउस से जुड़ आठ ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने के कारण मंगलवार रात बंद हो गए, जिससे करीब तीन सौ घरों की बिजली ठप हो गई। उमस भरी गर्मी से गुस्साएं लोगों ने हंगामा करते हुए रेवाड़ी-बावल रोड स्थित बिठवाना बस स्टैंड पर जाम लगा दिया। पांच मिनट बाद बिजली सप्लाई शुरू करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन सुबह साढ़े 6 बजे के बाद ही बिजली सप्लाई शुरू हो सकी।
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मंगलवार रात 10 बजे बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। हेल्प लाइन नंबर पर फोन करने के बाद बताया गया कि विजय नगर में तार टूटा हुुआ है, एक घंटे बाद लाइन शुरू कर दी जाएगी। साढ़े 12 बजे तक व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पाया। करीब पौने एक बजे बिजली सप्लाई शुरू हुई, लेकिन आधा घंटा बाद बंद हो गई। इसके बाद सुबह सात बजे तक बिजली सप्लाई बंद रही। बताया जा रहा है अकेले विजय नगर में 8 ट्रांसफार्मर बंद पड़े होने के कारण व्यवस्था ठप हो गई थी। ऐसा ही हाल उत्तम नगर में रहा। यहां पर भी पूरी रात बिजली सप्लाई बंद रही।
जाम लगाने वाले ग्रामीणों ने बताया कि जाटूवास फीडर की बिजली सप्लाई हर तीसरे दिन पूरी रात बंद कर दी जाती है। जबकि दावा 24 घंटे बिजली सप्लाई देने का वादा किया जाता है। बीते मंगलवार की रात बिजली सप्लाई बंद करने के के बाद ग्रामीणों में रोष बढ़ गया। रात के करीब पौने 10 बजे बिठवाना के ग्रामीणों ने बिठवाना बस स्टैंड पर जाम लगाकर हंगामा किया। सूचना पाकर मौके पर पुलिस बल भी पहुंचा, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। एसडीओ के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण सड़क छोड़कर घर पर गए। करीब आधा घंटा तक सड़क पर हंगामा होता रहा।
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गर्मी में पहली बार दिखी परेशानी
बिजली निगम की ओर से जून माह में बिजली सप्लाई ठीक से चलाई गई। बीते सालों के मुकाबले इस बार कहीं पर भी प्रदर्शन या फिर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन बीते तीन दिन से उमस बढ़ने से बिजली की खपत भी बढ़ी। इसका परिणाम यह हुआ कि सिस्टम ओवरलोड हो गया। बुधवार को दिन के समय भी ओवरलोड के चलते हर आधा घंटा बाद अघोषित कट लगते रहे।
रात के समय फॉल्ट हुआ तो सुबह का इंतजार
बिजली निगम के पास हाईटेंशन लाइन में गड़बड़ी होने पर एक टीम तैयार रहती है। लेकिन यदि किसी कॉलोनी या सेक्टर की बिजली चली जाए तो सुबह के समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। इसका कारण है कि निगम के पास न तो पूरे कर्मचारी हैं और मौजूदा कर्मचारियों के पास पूरी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में किस तरह से लोगों को बिजली जाने पर निजात मिलेगी, इसका जवाब निगम ही दे सकता है। कई बार इस तरह के केस सामने आ चुके हैं।
सब अर्बन डिवीजन के पास हाइड्रोलिक मशीन नहीं
बिजली निगम की ओर 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई का दावा किया जाता है। कोशिश भी होती है, लेकिन संसाधनों के अभाव में दावे सिरे नहीं चढ़ पाते हैं। इसका एक उदाहरण सब अर्बन डिवीजन है। इस डिवीजन के पास सबसे बड़ा क्षेत्र होने के बाद एक हाइड्रोलिक मशीन तक नहीं है ऐसे में किस तरह से व्यवस्था सुचारु चलेगी।
जेसी- 4, 33 केवी लाइन दो घंटा रही बंद, ओवर फ्लो का खतरा
जेएलएन कैनाल के जेसी- 4 पर बने 33केवी पावर हाऊस के बंद होने से निगम कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। करीब साढ़े तीन बजे जैसे ही बरसात शुरू हुई 33केवी का ब्रेक डाउन हो गया। इससे जाटूसाना व घासेड़ा के पास नहर के ओवरफ्लो होने का खतरा बढ़ गया। क्योंकि बिजली सप्लाई बंद होने से नहरी पानी को आगे भेजने के लिए लिफ्ट नहीं किया जा सका। शाम साढ़े 5 बजे तक कर्मचारी लाइन को दुरुस्त करने में लगे हुए थे।
कर्मचारी बढ़ाने के साथ व्यवस्थाओं में किया जा रहा है सुधार: एसई
डीएचबीवीएन रेवाड़ी सर्कल के अधीक्षक अभियंता मनोज यादव ने कहा कि बिजली सप्लाई व्यवस्था सुचारु रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। बिठवाना व आसपास के गांव में कुछ परेशानी थी, उसको ठीक करा दिया गया है। इसके अलावा शहर में जहां पर भी शिकायत मिलती है, उनका समाधान किया जाता है। कर्मचारियों की संख्या जल्द ही बढ़ाई जाएगी। बात रही हाइड्रोलिक मशीन की यदि नहीं है तो खरीद की जाएगी।
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