बावल। मंगलवार को आई आंधी के दौरान गुल हुई बिजली 48 घंटे बाद भी नहीं आने से गर्मी में लोग परेशान हो उठे। बिजली और पानी की समस्या से परेशान वार्ड नंबर-चार के लोगों ने वीरवार को रेवाड़ी रोड पर तिवाड़िया चौक के पास बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद वार्डवासियों ने जाम लगा दिया। पुलिस और बिजली निगम के अधिकारियों के आश्वासन दिया। 20 मिनट बाद बिजली आपूर्ति शुरू होने पर लोगों ने जाम समाप्त कर दिया।
क्षेत्र में मंगलवार को आई तेज आंधी ने तबाही मचाई थी। इस दौरान पेड़ गिरने से तार टूटने के कारण बिजली गुल हो गई थी। बिजली विभाग के कर्मचारियों के प्रयास के बाद भी 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति नहीं की जा सकी जिससे लोग बिलबिला उठे।
बिजली और पानी की समस्याओं को लेकर परेशान लोगों का सब्र का बांध वीरवार को टूट गया। नाराज वार्ड नंबर-4 के लोगों ने रेवाड़ी रोड पर तिवाड़िया चौक के पास जाम लगा दिया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई जिससे यातायात प्रभावित हो गया।
स्थानीय निवासी सुनीता और लक्ष्मी ने बताया कि मंगलवार से बिजली नहीं आ रही है जिससे पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई है। भीषण गर्मी में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी बिजली कर्मचारी फोन नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने अपने मोबाइल फोनों को बंद कर दिया है।
ग्रामीण राजेश और सुनील ने बताया कि बिजली नहीं होने से घरों में इनवर्टर और बैटरियां जवाब दे चुकी हैं। मोबाइल फोन चार्ज करने से लेकर पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गई है। गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं।
जाम की सूचना मिलते ही बावल थाना प्रभारी फूल कुमार महिला पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं बिजली आपूर्ति बहाल होने तक जाम लगाने की बात कही। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
थाना प्रभारी फूल कुमार ने लोगों को बताया कि सड़क जाम करना उचित नहीं है और इससे आम लोगों को परेशानी होती है। इसके बाद पुलिस ने बिजली निगम के कर्मचारियों को मौके पर बुलाया। विद्युत कर्मियों ने बिजली आपूर्ति शुरू कराई। महिलाओं ने 20 मिनट बाद जाम समाप्त कर दिया।
प्रदर्शन में शकुंतला, कृष्णा, सुनीता, सरोज, सुशीला, लक्ष्मी, रामकुमार, सुमित्रा, पार्वती, कल्पना, नितेश कुमार आदि मौजूद रहे।
-
बिजली निगम के दावे नहीं आए काम
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली निगम ने 12 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति करने का दावा किया था लेकिन स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। कई गांवों में लोग अंधेरे में रातें बिताने को मजबूर हैं। पानी की किल्लत ने उनकी परेशानी को बढ़ा दिया है। क्षेत्र में आंधी में करीब 200 से अधिक बिजली के खंभे टूट गए हैं। तीन दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण
बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल आपूर्ति भी ठप हो गई। अधिकांश गांवों में ट्यूबवेल और जलघर बिजली से संचालित होते हैं। बिजली नहीं होने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रामीण पूजा व रोशनी ने बताया कि घरों में रखा पानी खत्म हो चुका है और अब उन्हें निजी टैंकरों के सहारे गुजारा करना पड़ रहा है। एक पानी का टैंकर 700 से 800 रुपये तक में मिल रहा है, जिससे आम ग्रामीणों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कई गांवों में लोग दूर-दराज के हैंडपंपों और निजी बोरवेलों से पानी भरकर ला रहे हैं।
-
वर्जन
आंधी से 190 से अधिक बिजली के खंभे टूटे हैं। 90 प्रतिशत मरम्मत हो चुका है। जन स्वास्थ्य विभाग से बातचीत करके पानी की व्यवस्था करवाई जा रही है। लोगों को किसी प्रकार की परेशान नहीं होने दी जाएगी। जहां पानी की अधिक समस्या है वहां पर हमारी टीम कार्य कर रही है।-संजीव कुमार, एसडीएम बावल।
वार्ड नंबर-4 स्थित तिवाड़िया चौक के पास सड़क पर लगया जाम। संवाद