रेवाड़ी। जिले में बिजली की खपत ने अब तक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जिले में एक करोड़ 10 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई है। इससे पहले इस वर्ष गर्मी के सीजन में अधिकतम खपत एक करोड़ सात लाख यूनिट रही थी।
वहीं पिछले वर्ष गर्मी के सीजन में अधिकतम खपत एक करोड़ तीन लाख यूनिट तक पहुंची थी। शुक्रवार की खपत ने दोनों रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए।
बिजली की मांग में अचानक बढ़ोतरी से निगम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर जलने और बिजली की लाइन ट्रिप होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके चलते कई क्षेत्रों में अघोषित कट और फाल्ट की समस्या बढ़ी है। उपभोक्ताओं को भी बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में पिछले करीब एक पखवाड़े से बारिश नहीं हुई है। उमसभरी गर्मी के कारण लोगों ने एसी और कूलरों का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। सावन के महीने में भी बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। इससे घरेलू बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।
बिजली निगम के अनुसार कृषि क्षेत्र में भी मांग बढ़ी है। बाजरे की फसल को पानी की जरूरत होने के कारण किसानों ने ट्यूबवेल चलाने शुरू किए हैं। इससे बिजली की कुल खपत में और इजाफा हुआ है।
चार दिन में लगातार बढ़ी-घटी खपत
बिजली खपत के आंकड़ों के अनुसार 18 अगस्त को एक करोड़ दो लाख, 19 अगस्त को एक करोड़ छह लाख, 20 अगस्त को एक करोड़ तीन लाख और 21 अगस्त को एक करोड़ 10 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के कार्यकारी अभियंता संजय यादव ने बताया कि निगम का बुनियादी ढांचा मजबूत है और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने का प्रयास किया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश होने की संभावना से बिजली खपत में कुछ कमी आने की उम्मीद है।