रेवाड़ी। एडेड स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों ने हाल ही में पोस्टल ऑर्डर के जरिए फीस डीईओ के पास जमा करवाई है। अभिभावकों ने बताया कि जब से वह स्कूल संचालकों द्वारा होने वाली मनमानी के विरोध में उतरे हैं उन्हें स्कूल प्रबंधन की ओर से लगातार धमकी मिल रही है, वहीं स्कूल में फीस भी जमा नहीं की जाती है।
तीन दिन पहले डीईओ धर्मबीर बल्डोडिया के पास अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि एडेड स्कूल के संचालक बच्चों की फीस लेने से मना कर रहे हैं। वहीं नाम काटने की भी धमकी दी जा रही है। इस पर डीईओ ने कहा कि अपनी फीस पोस्टल ऑर्डर के जरिये जमा कराएं। इस दौरान अभिभावकों ने विभिन्न एडेड स्कूलों के अपने बच्चों के नाम की फीस डीईओ के पास जमा कराई।
मनमानी फीस वसूलने के विरोध में उतरे थे अभिभावक
करीब एक महीने पहले अभिभावक विद्यार्थी अधिकारी सुरक्षा सोसाइटी के एसएन मखीजा और ऊषा देवी के नेतृत्व में कई एडेड स्कूलों के अभिभावक मनमानी फीस वसूली जाने और रसीद भी न देने के विरोध में उतरे थे और प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। उपायुक्त ने एसडीएम को मामले की जांच करने को कहा था। इसके बाद एसडीएम ने स्कूल संचालकों द्वारा मनमानी फीस वसूले जाने को गलत बताते हुए मामले की जांच भी शुरू की थी।
एडेड स्कूल मामले में कब-क्या हुआ
16 सितंबर: अभिभावकों ने एडेड स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन से की शिकायत।
22 सितंबर: एसडीएम ने स्कूल संचालकों और अभिभावकों की मीटिंग ली। अगली तारीख दी।
28 सिंतबर: किसी कारणवश सुनवाई नहीं हुई और मीटिंग कैंसिल हुई। अगली तारीख दी।
09 अक्तूबर: अधिकारी के अवकाश पर होने के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अगली तारीख दी।
19 अक्तूबर: एडेड स्कूल संचालकों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर डी-एडेड करने का मांगपत्र सीएम और शिक्षामंत्री के नाम सौंपा।
कुछ बच्चों के अभिभावक आए थे। उन्होंने पोस्टल आर्डर के जरिए उन्हें फीस देने की बात कही थी, जिस पर कहा कि वे मेरे पास पोस्टल ऑर्डर के जरिए फीस जमा करा दें। वे स्कूलों में भिजवा देंगे।
धर्मवीर बल्डोदिया, जिला शिक्षा अधिकारी