फोटो: 01रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लगी मरीजों की लाईन। संवाद
रेवाड़ी। बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान के चलते पेट की बीमारी से लोग पीड़ित होते जा रहे हैं। नागरिक अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, उल्टी-दस्त और अपच की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सिविल अस्पताल में रोजाना ऐसे 30 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने बताया कि पेट की बीमारियों के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण अनियमित भोजन है। लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं। देर रात भोजन करते हैं। लोग ज्यादातर बाहर जंक फूड खाते हैं।
तली भुनी खाद्य वस्तुएं, अधिक मसालेदार और खुले में रखा भोजन पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके साथ ही दूषित पानी का सेवन भी पेट के संक्रमण का बड़ा कारण बन रहा है।
उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान पेट की बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ जाता है। इस समय अस्पताल में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा देखने को मिल रही है।
कई मरीज कमजोरी और डिहाइड्रेशन की समस्या से भी जूझ रहे हैं। कुछ मामलों में समय पर इलाज न मिलने से मरीजों को भर्ती तक करना पड़ रहा है।
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संयमित आहार लेना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे संयमित आहार लें। समय पर संतुलित आहार लें और फास्ट फूड व जंक फूड से दूरी बनाएं। घर का ताजा और स्वच्छ भोजन सबसे सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही पीना चाहिए।
वर्जन
पेट दर्द, उल्टी या दस्त की समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो स्वयं दवा लेने की जगह डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। थोड़ी सी सतर्कता और जागरूकता अपनाकर पेट से जुड़ी बीमारियों से आसानी से बचाव किया जा सकता है।-डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल।