कुरुक्षेत्र सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि उन पर किया गया हमला असल में जान से मारने की साजिश दी। उन्हें चोट आई है, एक व्यक्ति ने गला भी दबाया। अगर सुरक्षाकर्मी साथ नहीं देते तो उनकी जान तक जा सकती थी। एक व्यक्ति को कार के पीछे उन्होंने हाथों में हथियार सहित भी देखा जो बाद में भगदड़ के बीच मौके का लाभ उठाकर भाग गया।
सांसद सैनी रविवार को सैनी पब्लिक स्कूल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केमिकल युक्त स्याही का फेंकना असल में उनको हानि पहुंचाना था। यह सिर्फ स्याही ही होती तो वह इसे मान लेते लेकिन इसमें केमिकल मिला था। उन पर हमला करने वाले पेशेवर अपराधी थे। उन पर पांच-पांच केस चल रहे हैं। हमलावरों ने यह स्वीकार किया है कि वे सालभर से उनका पीछा कर रहे थे। पहले भी उन्होंने हमला करने का प्रयास किया लेकिन अत्यंत सुरक्षा के कारण यह संभव नहीं हो सका। सरकार का उन आरोपियों से धारा-307 हटाना असल में प्रदेश का माहौल फिर से नहीं बिगड़ने देना है। एक जाति विशेष के लोग उन हमलावरों को सम्मानित कर रहा है यह कहां कि व्यवस्था है। इनेलो के नेता आज जेल में हैं और वे मुझे सरकार आने पर जेल में ठूंसने की बात करते हैं।
पत्रकारों से बातचीत करने से पहले शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास, यादव सभा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश यादव, प्रो. आरएस यादव सहित कई लोगों ने विचार रखे
दादरी में कार्यक्रम रद्द करने के लिए बनाया दबाव
सांसद सैनी ने कहा कि दादरी, महेेंद्रगढ़ और रेवाड़ी सहित चार जगह कार्यक्रम थे। दादरी का कार्यक्रम पंजाबी धर्मशाला में होना था लेकिन जाति विशेष के लोगों ने दबाव बनाकर यह कार्यक्रम रद्द कराया। सरकार ने भी मुझसे यह कार्यक्रम रद्द करने का अनुरोध किया। दादरी में लोगों को धमकाया गया कि अगर कार्यक्रम हुआ तो फिर से फरवरी जैसा माहौल बना देंगे। सांसद सैनी ने कहा कि शनिवार को कुरुक्षेत्र में हुए कार्यक्रम में उन्हें नहीं बुलाना उनका अपमान नहीं बल्कि सम्मान है। यह कार्यक्रम भी जाति विशेष के लोगों ने किया था। उन्हें मुझसे डर था, इस कारण मुझे नहीं बुलाया। सैनी ने कहा कि बाद में घर पर कार्यकर्ताओं के बीच पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का जन्मदिन मनाया।
आंदोलन में हमने बचाई कुर्सी
उन्होंने कहा कि समाज विशेष किसी अन्य जाति के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बना नहीं देख सकता। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री की कुर्सी छीनने की पूरी तैयारी थी लेकिन हमने यह कुर्सी बचाई। जाति विशेष के लोग सरकार पर दबाव बनाकर अपना काम कराना चाहते हैं। आखिर यह कब तक चलेगा। हम किसी का हक नहीं मार रहे। हम सौ फीसदी आरक्षण के पक्षधर हैं।
28 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होगा कार्यक्रम
सांसद सैनी ने कहा कि 28 नवंबर को कुरुक्षेत्र में समता महासम्मेलन होगा। महात्मा ज्योतिराव फुले की राह पर चलकर ही डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान की रचना की। अब फुले की पुण्यतिथि पर ही यह कार्यक्रम होगा। उन्होंने कार्यक्रम में रेवाड़ी से भी अधिक से अधिक लोगों से पहुंचने का आह्वान किया।