संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। लघु सचिवालय सभागार में बुधवार को डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि 29 और 30 जून को घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी। जिले में 682 बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 94 हजार 285 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी।
इसके अतिरिक्त अति संवेदनशील एरिया जैसे झुग्गी झोपड़ी, भट्ठे, निर्माणाधीन भवनों इत्यादि पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 38 मोबाइल टीम लगाई गई है तथा बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर भी पोलियो रोधी दवा पिलाने के टीमें लगाई गई है।
डीसी ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को सफल बनाएं। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी पोलियो रोधी दवाई पिलानी सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ डीसी ने 31 जुलाई तक चलाए जा रहे डायरिया रोको अभियान और एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा करते हुए जिला टास्क फोर्स कमेटी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. भंवर सिंह ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।
पहले दिन बूथ पर पोलियो की दवाई पिलाई जाएगी। दूसरे और तीसरे दिन टीमें घर घर जाकर छूट गए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि डायरिया से होने वाले शिशु मृत्यु की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जिला में डायरिया रोको अभियान भी 16 जून से शुरू किया जा चुका है जोकि 31 जुलाई तक चलाया जा रहा है।
इस अभियान के दौरान आशा वर्कर और एएनएम द्वारा 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को घर-घर जाकर ओआरएस पैकेट वितरित करते हुए अभिभावकों को ओआरएस और जिंक के प्रयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों समुचित व्यवस्था की गई है।
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एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा की
डीसी ने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की भी समीक्षा करते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 14 से 15 साल की आयु की किशोरियों एचपीवी वैक्सीनेशन के बारे में जानकारी दें। अभिभावकों को भी जानकारी दें कि एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान मुख्य रूप से 14 से 15 आयु की किशोरियों के लिए मुख्य रूप से चलाया जा रहा है। यह वैक्सीन एचपीवी के टाइप-16 और 18 से सुरक्षा प्रदान करती है जो सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण माने जाते हैं। इसके साथ यह टाइप-6 और टाइप-11 से भी बचाव करती है।