रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस उत्सव उमंग के तहत बाबू बालमुकुंद गुप्त की पुण्यतिथि पर कविता लेखन और निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई।
विभागाध्यक्ष प्रो. सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि लेखन अभिव्यक्ति को प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम है। इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं। बाबू बालमुकुंद गुप्त को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी कलम की ताकत से अंग्रेज सरकार के अत्याचारों का विरोध किया था। प्रो. रोमिका बत्रा ने बाबू बालमुकुंद का हिंदी साहित्य और पत्रकारिता में योगदान प्रेरणादायक है। कविता लेखन और निबंध लेखन प्रतियोगिता में 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। संचालन डॉ. अर्चना यादव ने किया।