फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: 21 साल थी प्लाईवुड की गारंटी, एक माह में ही खराब, अब देने होंगे 11 लाख रुपये

Tue, 23 Apr 2024 04:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता आयोग। फाइल फोटो
विज्ञापन
रेवाड़ी। एक्शन टिसा प्लाईवुड कंपनी पर जिला उपभोक्ता आयोग ने गलत प्लाईवुड देने और गारंटी अवधि के दौरान उन्हें न बदलने पर दो मामलों में 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। प्लाईवुड लगाने और उसे उतारने के लिए आने वाले करीब 11 लाख रुपये खर्च भी शिकायतकर्ता को अदा करने होंगे। कंपनी की ओ से प्लाईवुड की 21 साल की गारंटी दी गई थी जबकि यह एक माह के भीतर ही खराब हो गई।
विज्ञापन

इन दो शिकायतों का संयुक्त निर्णय सुनाते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा एवं सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के नए घर में इंटीरियर के काम के दौरान अपनी गाढ़ी कमाई खर्च की जाती है। ऐसे में उनका दुरुपयोग होना जीवन भर उनके लिए समस्या बन जाता है। प्लाईवुड के मुड़ जाने के कारण उनकी सभी अलमारियां खराब हो गईं। ऐसे में प्लाईवुड कंपनी अपनी तरफ से कोई ऐसा दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, जिसमें यह साबित हो सके कि प्लाई बोर्ड उच्च क्वालिटी के थे और उनमें बैंड नहीं आ सकता था।
जिला उपभोक्ता आयोग ने पेश किए गए बिल एवं दस्तावेजों के आधार पर धनराज शिकायतकर्ता को 4,39,846 रुपये तथा ओम प्रकाश शिकायतकर्ता को 5,60,644 रुपये कंपनी द्वारा वापस दिए जाने के आदेश दिए हैं। यह खर्चा प्लाईवुड लगाने और उतरने में आया था। इसके अतिरिक्त यह खर्चा 9 प्रतिशत ब्याज से शिकायतकर्ता को दिया जाएगा, जो शिकायत दायर होने से लागू माना जाएगा। इसके साथ ही जिला उपभोक्ता आयोग ने दोनों शिकायतकर्ता को कंपनी द्वारा 30-30 हजार रुपये और 11 हजार वाद खर्च अलग से दिए जाने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


ये था पूरा मामला

जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष सेक्टर-4 निवासी धनराज एवं ओमप्रकाश ने 19 सितंबर 2022 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्होंने शहर के रेलवे रोड स्थित राजपाल प्लाईवुड एजेंसी से एक्शन प्लाईवुड कंपनी की एक्शन टीसा बोर्ड अगस्त 2022 से सितंबर 2022 के बीच खरीदे थे। एजेंसी संचालक एवं कंपनी की ओर से 21 साल की गारंटी दी गई थी। इन प्लाईवुड से उन्होंने अपने नवनिर्मित घर में अलमारी एवं किचन का सभी इंटीरियर का काम कराया था, लेकिन कुछ समय बाद ही बोर्ड में झुकाव आ गया और कई जगह से यह बोर्ड मुड़ गए। इसके कारण उनकी अलमारियां खराब हो गईं।

कंपनी ने कहा- प्लाईवुड में नहीं थी कमी, कारीगर अशुकल थे

इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने प्लाईवुड का काम करने वाले अपने मिस्त्री के हलफनामा के साथ ही सभी दस्तावेज जिला उपभोक्ता आयोग में पेश किए थे। इसके विपरीत कंपनी की ओर से पेश हुए अधिकारियों ने कहा कि प्लाईवुड में कमी नहीं थी, बल्कि अकुशल कारीगरों से काम करने के कारण ऐसा संभव हुआ। शिकायतकर्ताओं ने उनकी सलाह न मानकर पेच आदि नहीं लगवाए हैं, जिसके कारण बोर्ड में आने वाले बैंड की समस्या बनी हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें