खरखड़ा के पास माइनर पुल की छत से झड़ रहा प्लास्टर
धारूहेड़ा। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गांव खरखड़ा के पास बने माइनर पुल की हालत को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। पुल के ऊपरी हिस्से से प्लास्टर झड़ने लगा है, जिससे अंदर के लोहे के सरिये भी दिखाई देने लगे हैं। ग्रामीणों ने इसे संभावित खतरे का संकेत बताते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
यह माइनर पुल हाईवे के दोनों ओर बसे गांवों के लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। पुल से होकर दूसरी तरफ जाने के लिए एनएचएआई द्वारा पक्की स्लिप रोड भी बनाई गई थी, जिससे स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकी।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2014-15 में दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के सिक्स लेन बनने के बाद हाईवे पार करते समय लगातार हादसे हो रहे थे। इसे देखते हुए गांव खरखड़ा के लोगों ने लंबे समय तक इस माइनर पुल को आवागमन के लिए विकसित करने की मांग उठाई थी। ग्रामीणों के अनुरोध पर एनएचएआई ने पुल तक पक्की सड़क बनाकर यहां से आवाजाही शुरू करवाई थी, जिससे लोगों को काफी राहत मिली।
अब पुल के ऊपरी हिस्से से प्लास्टर झड़ने और लोहे के सरिये दिखाई देने से लोगों में हादसे की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से पुल का तकनीकी निरीक्षण कराकर क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कराने तथा नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि हजारों लोगों का आवागमन सुरक्षित बना रहे।
अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश दिए :
एनएच-48 रेवाड़ी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश तिलक ने बताया कि पुल की स्थिति की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला सुरक्षा से जुड़ा है और इसकी मरम्मत के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत कर पुल को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा।