संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान प्रत्याशी की ओर से समूह में संदेश भेजने की अनुमति संबंधित कमेटी से लेनी होगी। चुनाव खर्च में इसका भी खर्च जुड़ेगा।
डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि बल्क एसएमएस, ऑडियो और वीडियो मैसेज के लिए एमसीएमसी कमेटी से अनुमति लेना जरूरी है। इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग ने दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों को हिदायत दी गई है कि ऐसे बल्क एसएमएस की जानकारी मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी के संज्ञान में अवश्य लाएं। एमसीएमसी कमेटी प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विज्ञापन की निगरानी कर रही है। चुनाव प्रचार के दौरान आपत्तिजनक मैसेज भेजने वालों पर साइबर सेल की नजर है। किसी उम्मीदवार पर व्यक्तिगत आक्षेप, किसी जाति, धर्म पर गलत टिप्पणी की गई तो ऐसे एसएमएस भेजने वाले का पता लगाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।