संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कड़ाके की ठंड के बीच सर्दी, जुकाम, बुखार के अलावा लोग आंख और त्वचा रोग से पीड़ित हो रहे हैं। बच्चे भी बीमार पड़ रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन आंख के 100 से 120, त्वचा के 150 से 200 रोगी पहुंच रहे हैं।
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1400 से अधिक मरीज जांच करा रहे हैं। फिजिशियन में रोजाना 400 से अधिक मरीज दर्ज किया जा रहे हैं। आंख के करीब 100 से 120 मरीज, त्वचा के करीब डेढ़ सौ से 200 मरीज और बच्चों की ओपीडी में करीब 150 से 200 बच्चों का इलाज किया जा रहा है। शीतलहर चलने से लोग वायरल बुखार के भी शिकार हो रहे हैं। त्वचा पर एलर्जी की शिकायत हो रही है। इसमें डैंड्रफ, शरीर में खुजली, चमड़ी का लाल होना आदि समस्याएं शामिल हैं।
आंखों की ओपीडी में ऐसे लोग अधिक पहुंच रहे हैं जिनके आंखों से पानी निकल रहा है। आंखों में संक्रमण के मरीज भी इलाज के लिए आ रहे हैं। चिकित्सक लोगों को सर्दी से बचाव करने का सुझाव दे रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि रूम हीटर का उपयोग करते समय पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था करें। बंद कमरों में कोयला जलाना खतरनाक हो सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ पीएं।
ठंड में रखें विशेष ध्यान
फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने बताया कि सिर पर टोपी या मफलर पहनें, स्वास्थ्यवर्धक भोजन करें। शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढक कर रखें। गीले कपड़े बदलें। फेफड़ों की सुरक्षा के लिए मास्क का प्रयोग करें। लोगों को गर्म कपड़े पहनने चाहिए ताकि उन्हें ठंड न लगे।