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20 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने साढ़े चार घंटे 20 किलोमीटर पैदल मार्च कर शासन व प्रशासन के खिलाफ जताया रोष

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रेवाड़ी। अंडरपास की मांग को लेकर शहर में प्रदर्शन करते ग्रामीण - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। रेवाड़ी-नारनौल हाईवे नंबर-11 स्थित पाली बस स्टैंड पर अंडरपास निर्माण की मांग पर सकारात्मक जवाब नहीं मिलने से धरनारत ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लग गया है। इसी को लेकर पाली सहित करीब 20 गांव के हजारों ग्रामीणों ने पाली बस स्टैंड से करीब 20 किमी. का सफर साढ़े चार घंटे में पैदल मार्च करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे। वहां उन्होंने शासन व प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए सीटीएम को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
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इतना ही नहीं चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। बता दें कि मंगलवार को रोष मार्च ने करीब दो साल पहले मनेठी एम्स के लिए निकाले गए पैदल मार्च की यादों को ताजा कर दिया। ग्रामीणों के प्रदर्शन में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चे भी शामिल रहे। ग्रामीणों ने नारेबाजी कर रेलवे के खिलाफ भी रोष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के चलते सचिवालय के मुख्य द्वार पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था।
-प्रदेश सरकार व केंद्र के मंत्रियों का आश्वासन मिला, नहीं हुआ समाधान
बता दें कि हाईवे नंबर 11 पर पाली गांव के रेलवे फाटक पर अंडरपास बनाने की मांग को लेकर पाली सहित 20 से अधिक गांवों के ग्रामीणों द्वारा पाली गांव के बस स्टैंड पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। ग्रामीणों के धरने को विभिन्न राजनैतिक दलों का भी समर्थन मिला है। प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल, राज्यमंत्री ओमप्रकाश भी धरनास्थल पहुंचकर समाधान का आश्वासन दे चुके हैं। इसके अलावा ग्रामीण केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत से भी मिल चुके। ग्रामीणों की मांग को सभी ने जायज बताते हुए अंडरपास की मांग को जल्द पूरा करने का आश्वासन जरूर दिया, लेकिन आज तक इसके लिए एक भी कदम नहीं उठाया गया।
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-500 से अधिक एकड़ भूमि रेलवे लाइन के दूसरी ओर
ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे लाइन के दूसरी ओर ग्रामीणों की करीब 500 एकड़ भूमि है। रेलवे लाइन व हाईवे बनने के बाद खेतों में जाने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं है। खेतों में जाने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। इसके अलावा स्कूल जाने वाली बेटियों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण रेलवे से लेकर जिले के उच्च अधिकारियों को भी इस समस्या से कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन हालात वैसे ही है।
-अंडरपास के निर्माण तक आंदोलन रहेगा जारी
ग्रामीणों ने कहा कि अंडरपास के निर्माण तक आंदोलन जारी रहेगा। अंडरपास नहीं होने से उनको काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के आंदोलन के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अंडरपास निर्माण स्थल का मौका मुआयना भी कर चुके हैं।
-इन गांवों के ग्रामीण हैं प्रभावित
अंडरपास नहीं बनने से पाली के अलावा नांधा, बलवाड़ी, भालखी, माजरा, मायन, खालेटा, खोल, मंदौला व गोठड़ा सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीण प्रभावित हैं।
-ये रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति के प्रधान ओमप्रकाश, वेदप्रकाश विद्रोही, ओमप्रकाश सैन, पूर्व सरपंच महेंद्र सिंह, पूर्व जिला पार्षद मास्टर बिल्लू, पूर्व पंच रामपाल सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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फोटो- 8 से 11
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