जाट आरक्षण के आंदोलन की लपटें रोहतक, झज्जर होते हुए रेवाड़ी के अंदर भी दाखिल हो गई हैं। बुधवार को जहां कोसली से झज्जर और रोहतक बाईपास पर जाट समुदाय के लोगों ने जाम लगाया था।
वहीं बृहस्पतिवार को जाम लगाने वालों में खोल क्षेत्र के गांव बुड़ौली के जाट समुदाय के लोग भी शामिल हो गए। बता दें कि बुड़ौली गांव जाट बाहुल्य क्षेत्र में आता है।
खैर जिला पुलिस और प्रशासन ने किसी तरह मान-मुनौव्वल कर प्रदर्शनकारी जाट समुदाय के लोगों को समझाया। हालांकि इस दौरान कोसली में पांच घंटे से ज्यादा और खोल में करीब एक घंटे तक लोगों खासकर छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फिर सड़कों पर डटे झज्जर के गांव धनिया के सैकड़ों जाट
कोसली। जाट आरक्षण की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन भी सुबह करीब आठ बजे जिला झज्जर के गांव धनिया के सैकड़ों जाटों ने कोसली-झज्जर मार्ग के अलावा कोसली-रोहतक बाईपास को जाम रखा। वहीं गांव कन्हौरी में भी आरक्षण को लेकर सड़क जाम कर दिया।
इस दौरान सादी वर्दी में पुलिसकर्मी भी विवाद की स्थिति में निबटने के लिए मौजूद रहे। गांव कन्होरी में लगाये गए जाम को खुलवाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर पहुंचे कोसली के डीएसपी बिरेन्द्र सिंह ने करीब पांच घंटों तक आंदोलनकारियों को समझाकर किसी तरह जाम खुलवाया।
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22 किलोमीटर पैदल चल शाम को पहुंचे कोसली
जाम के कारण मातनहेल से सुबह चले राजस्थान के देवकरण अपने परिवार के साथ 22 किलोमीटर पैदल चल कर शाम चार बजे कोसली पहुंचे। जहां से वे बस से कनीना की ओर रवाना हुए। उनका कहना था कि जाम से महिलाओं को भारी परेशानी हो रही है।
सड़कें जाम करने का असर कोसली बाजार पर दूसरे दिन भी देखने को मिला। बाजार जहां और भी सूने हो गए। वहीं जरूरी काम होने के चलते निकले लोगों को भी जाम के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के कारण खास कर महिलाओं को भारी परेशानी रही। वहीं बच्चों को भी स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।