विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत फील्ड में कार्य करते कर्मी। संवाद
रेवाड़ी। एसआईआर को लेकर लोग जागरूक नहीं है। लोगों को समझाने में ही बीएलओ का अधिक समय व्यतीत हो जा रहा है। एसआईआर फॉर्म भरवाकर जमा कराना बीएलओ के लिए चुनौती से कम नहीं है। तमाम मतदाता इसकी अहमियत नहीं समझ रहे। इन सभी परेशानियों और चुनौतियों के बावजूद तय समय में बीएलओ को काम पूरा करना है।
ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक दिक्कत आ रही है। यहां मतदाताओं को एसआईआर फॉर्म के बारे में समझाना चुनौतीपूर्ण है। कुछ समझ रहे तो कुछ बिफर जा रहे हैं। चूंकि सभी का फॉर्म भरवाना अनिवार्य है। इसलिए उनसे निवेदन तक करना पड़ रहा है। जो मतदाता गांव के बाहर अन्य राज्यों में नौकरी कर रहे हैं। ऐसे मतदाताओं की जानकारी जुटाने में दिक्कत आ रही है।
रेवाड़ी शहर के एक बीएलओ ने बताया कि सभी मतदाताओं के पास फॉर्म तो पहुंच गए हैं लेकिन जमा करने में देरी कर रहे हैं। एक-एक घर जाकर फॉर्म कलेक्ट करना भी बड़ा काम है। जो किरायेदार है वह जानकारी नहीं दे रहे हैं काफी बचते हैं। ऐसे में काफी समय जाया हो रहा है। खुद से फॉर्म भरना पड़ रहा है।
वहीं बवाल क्षेत्र के बीएलओ ने बताया कि समस्या यह है कि लोग अभी जागरूक कम हैं। लोगों को नहीं पता है कि हम आएंगे। कई तरह के सवाल करते हैं कि कहां से आए है। काफी देर तक समझाने में निकल जाता है। कई बार 20 से 30 मिनट भी लग जाते हैं। मान लो एक घर में 10 फॉर्म दे रहे हैं तो काफी समय लग जाता है। सब बात बतानी पड़ती है। गलत फॉर्म न भरा जाए काफी समस्या होती है। पोलिंग पार्टी से एजेंट भी नहीं आ रहा है। हालांकि पार्षद आ रहे हैं।
इंसेट
कोसली में अभी लिस्ट बनाई जा रही
कोसली के बीएलओ ने बताया कि अभी लिस्ट बन रही है। 2 दिन बाद सभी के घर में फॉर्म पहुंच जाएगा। इसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। जल्द ही सत्यापन का कार्य शुरू होगा। जो फॉर्म नहीं भरेगा उसको समस्या झेलनी पड़ सकती है। लोगों से सहयोग की अपेक्षा है।