संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। स्थानीय डिपो की 150 में से 50 बसों को पंचकूला भेजे जाने के कारण यात्रियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ा। दिल्ली, गुरुग्राम, रोहतक, पटौदी, कोसली, कुंड, नारनौल, महेंद्रगढ़ और बावल जाने के लिए यात्रियों को बस का इंतजार करना पड़ा। रोडवेज बस न मिलने से लोगों ने निजी बसोें से यात्रा की।
रेवाड़ी डिपो की 50 बसें पंचकूला में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में भेजी गईं थीं। इससे बसों की संख्या कम हो गई। लोकल रूट पर रोड़वेज की बसें कम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली, गुरुग्राम, रोहतक, पटौदी, कोसली, कुंड, नारनौल, महेंद्रगढ़, बावल जाने वाले लोगों को बस का इंतजार करना पड़ा। बाद में लोग निजी बस से रवाना हुए। बस स्टैंड पर जैसे ही कोई सरकारी बस आती, लोग सवार होने के लिए टूट पड़ते। रोडवेज बसों की कमी के कारण बस स्टैंड परिसर में निजी बसें अधिक नजर आईं। रोडवेज महाप्रबंधक देवदत्त का कहना है कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई है। क्योंकि उनके लिए व्यवस्था पहले ही बना दी गई थी।
यात्री सुनील ने बताया कि उनको जयपुर जाना था। 2 घंटे तक जयपुर की बस का इंतजार करते रहे लेकिन बस नहीं मिली। राहुल ने बताया कि उसे बावल स्थित एक कंपनी में कार्य करने के लिए जाना था। एक घंटा इंतजार करने के बाद भी बस नहीं मिली जिससे लेट हो गया। राजेश और दीपक ने बताया कि वह रोजाना ड्यूटी जाने के लिए गुरुग्राम से बस पकड़ते हैं। बस समय से नहीं मिली। मजबूरन निजी बस का सहारा लेना पड़ा।
रोडवेज को 177 बसों की अभी जरूरत:
रेवाड़ी डिपो के पास 150 बसें हैं। 50 बसे पंचकूल जाने के बाद 100 बसें ही बची थीं। त्योहारी सीजन में 150 बसें भी कम हैं। जिले से 25 हजार लोग रोडवेज बसों से सफर करते हैं। कार्यक्रम के लिए डिपो से 60 बसों की डिमांड की गई थी। रेवाड़ी डिपो पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहा है। रोजाना लोगों को बस पकड़ने के लिए काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है। रोडवेज को 177 बसों की अभी जरूरत है।