दिल्ली-जयपुर हाइवे पर दौड़ती हरियाणा रोडवेज की तरह हुबहु रंग की हुई बस।
रेवाड़ी। जिले में आरटीए के अधिकारी हाईवे सहित अन्य रूटों पर चलने वाली अवैध बसों के संचालकों पर मेहरबान दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि हाईवे पर हरियाणा रोडवेज के हूबहू रंग रोगन वाली अवैध बसों का संचालन कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। इनके संचालक यात्रियों को गुमराह कर बसों में बैठा लेते हैं। इसके बाद उनसे दोगुना किराया वसूलते हैं, जिसकी वजह से कई बार परिचालकों व यात्रियों में झगड़े भी हो चुके हैं। इतना ही इनके संचालकों की ओर से टैक्स की भी चोरी की जा रही है। रोडवेज यूनियनों ने भी इनको लेकर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। अमर उजाला डेढ़ माह पहले भी मामले को उठा चुका है, लेकिन अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
दिल्ली-जयपुर हाईवे न केवल रेवाड़ी अपितु दक्षिणी हरियाणा के अन्य जिलों के डिपो के लिए भी कमाई के लिहाज से सबसे बेहतर रूट है। यहीं वजह है कि रेवाड़ी डिपो की ओर से चंडीगढ़ के बाद सर्वाधिक बसों का संचालन जयपुर के लिए किया जाता है। इसके अलावा दिल्ली से जयपुर के बीच भी सीधी बसों का संचालन किया हुआ है। ऐसे में डिपो को हर दिन होने वाली लगभग 10 लाख रुपये की आमदनी का एक बड़ा हिस्सा इसी रूट से आता है। इसके अलावा चंडीगढ़ और शेष अन्य इंटर स्टेट रूट हैं। रेवाड़ी के अलावा गुरुग्राम, नूंह और फरीदाबाद डिपो की तरफ से काफी संख्या में बसों का संचालन किया जाता है। ऐसे में हरियाणा रोडवेज के लिए यह रूट बेहद अहम हैं। इसका फायदा उठाते हुए दिल्ली से जयपुर तक चलने वाली निजी बस संचालक भी हरियाणा रोडवेज के रंग-रूप में बसों का संचालन कर रहे हैं।
रोडवेज यूनियन ने कार्रवाई के लिए 72 बसों की सूची सौंपी
रोडवेज यूनियन ने अपने स्तर पर इस तरह की बसों की सूची तैयार की और कार्रवाई के लिए विभाग को भी सौंपी। हाईवे पर इस तरह की करीब 72 अवैध बसों का संचालन हो रहा है। इसमें सर्वाधिक बसें राजस्थान नंबर पंजीकृत हैं। रोडवेज यूनियनों का आरोप है कि इन बसों के संचालकों ने परमिट ही नहीं लिया हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसी भी राज्य की तरफ से निजी बसों को यात्री बस के रूप में संचालन का परमिट नहीं दिया जाता है। कई बसों की तरफ से टैक्स भी नहीं दिया जाता है और वह टैक्स चोरी करने के बाद भी धड़ल्ले से दौड़ रही हैं।
परिवहन मंत्री तक पकड़ चुके हैं अवैध बसों काे
पिछली सरकार के कार्यकाल में परिवहन मंत्री रहे कृष्णलाल पंवार भी एक बार इन बसों का पकड़ चुके हैं। पिछले कार्यकाल के दौरान परिवहन मंत्री ने जयपुर से लौटते समय हरियाणा रोडवेज के रंग-रूप में देखी इन बसों को स्वयं रुकवाकर जांचा था। उसके बाद हाईवे स्थित बनीपुर चौक के अलावा गुड़गांव में भी कार्रवाई हुई थी।