बिहाली गांव में हुई गोलीकांड और लूटपाट की घटना को लेकर रविवार को 21 गांवों की महापंचायत में मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। वक्ताओं का कहना था कि सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल डीसी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन सौंपेगा। दस दिन के अंदर मांगें पूरी नहीं होंगी तो महापंचायत आंदोलन करने को मजबूर होगा।
बिहाली की चौपाल में 21 गांवों की महापंचायत का आयोजन पूर्व रेंजर रामपत यादव की अध्यक्षता में हुआ। करीब चार घंटे चली महापंचायत में लोगों ने गोलीकांड की कड़ी निंदा कर एक स्वर में ऐलान किया कि शांतिप्रिय क्षेत्र में लूटपाट और गोलीकांड की यह पहली घटना है। अगर क्षेत्र के लोग एकत्रित होकर आंदोलन करने पर उतारू नहीं हुए तो हमलावरों के हौसले बुलंद हो जाएंगे।
महापंचायत में पहुंचे पूर्व मंत्री कप्तान अजय यादव ने कहा कि एक पखवाड़ा होने जा रहा है लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं। उन्होंने पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने कहा कि इस तरह की घटना दर्दनाक है। इसकी जितनी आलोचना की जाए कम है।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि पीड़ित परिवार की सहायता और क्षेत्र के लोगों के निर्णय का समर्थन किया जाएगा। पूर्व विधायक नरेश यादव ने कहा कि हमलावर हथियार के बल पर एक किसान परिवार के आभूषण और नकदी लूट ले गए। साथ ही उन पर गोलियों की बौछार कर घायल कर गए। इससे घायल एक नौजवान अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
उसकी एक आंख खत्म हो गई है लेकिन सरकार और प्रशासन सरकारी तौर पर न तो उपचार कर रहा है और न हमलावरों की कोई गिरफ्तारी हुई है। इनेलो जिला प्रधान सतबीर ने कहा कि अहीरवाल क्षेत्र की यह पहली घटना है। इसमें एकजुटता के साथ हम लोगों को भूमिका निभानी है।
अगर सरकार चाहती तो पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और उपचार के लिए किसी अच्छे अस्पताल में भर्ती करा सकती थी। लेकिन वह सत्ता पक्ष में रहकर अपना मुंह फेर रहे हैं। ठाकुर अतरलाल ने आश्वासन दिया कि इस तरह की घटना में पीड़ित परिवार की मदद करने के लिए एकजुटता दिखानी चाहिए।
महापंचायत का निर्णय
महापंचायत में 21 गांवों के प्रतिनिधि और राजनेताओं की बात सुनने के बाद यह निर्णय लिया गया कि छह मांगों को लेकर सोमवार को एक कमेटी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उसमें 10 दिन का अल्टीमेटम दिया जाएगा। अगर 10 दिन तक हमलावरों की गिरफ्तारी पुलिस द्वारा नहीं की गई तो सभी लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
महापंचायत की मुख्य मांगे
1 पीड़ित परिवार का उचित मुआवजा व सरकारी तौर पर उपचार कराया जाए।
2 ट्यूबवेलों और ढाणियों में रहने वाले किसानों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध हो।
3 गोली के शिकार युवक मनोज की उपचाराधीन अस्पताल में सुरक्षा की जाए।
4 हमलावरों की तुरंत प्रभाव से गिरफ्तारी की जाए।
5 अटेली बहरोड़ सड़क मार्ग पर बिहाली व कांटी के मध्य में पुलिस चौकी का गठन हो।
6 कुओं व ढाणियों में रहने वाले लोगों को हथियार के लाइसेंस दिए जाए।
ये लोग रहे मौजूद
इस महापंचायत में कांग्रेसी जिला प्रधान सुरेंद्र नंबरदार, राकेश ठेकेदार, अजीत बांस, नरेंद्र सरपंच खेड़ी, अशोक नावदी, जसवंत सरपंच पृथ्वीपुरा, बिल्लू सरपंच राजपुरा, शमसेर सिंह पहलवान, मैनपाल यादव सैदपुर, सतीश फतनी, हीरा सिंह पंच, बिक्रम सिंह, राजेश नांगल, कुलदीप बौचड़िया सहित अनेक सामाजिक और ग्राम पंचायतों ने आंदोलन के लिए हर समय तत्पर रहने का आश्वासन दिया।
क्या है बिहाली कांड
गत 8 अगस्त को देर रात लगभग एक दर्जन के करीब अज्ञात हमलावरों ने गांव बिहाली की सीमा से सटे एक किसान के परिवार पर हथियार के बल पर ताबड़तोड़ हमला कर लाखों रुपये के आभूषण व नकदी चुराकर ले गए थे। इस हमले में युवक मनोज व उसकी मां सविता गोली के शिकार हो गए जो रेवाड़ी के निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। वहीं सुरेश व उसकी पत्नी बिमला पर डंडो व लाठी से ताबड़तोड़ हमला किया गया। जिसके कारण वे घायल हो गए थे। वे भी वहां उपचारधीन है। गांव में हुई हथियार के बल पर लूटपाट को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। इस गोली व डकैती कांड में अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं।