कोसली। काम कराने के बाद ठेकेदार का भुगतान न करने पर कोर्ट ने पंचायत विभाग की जमीन की कुर्की का आदेश जारी किया है। गांव भाला के पूर्व सरपंच मदन सिंह के कार्यकाल में ठेकेदार ने विकास कार्य कराया था। विकास कार्य पर 60 लाख 19000 रुपये का खर्च आया था। लेकिन, ठेकेदार को इसका भुगतान नहीं किया गया तो वह कोर्ट की शरण में चला गया।
ठेकेदार अमर सिंह गत 7 साल से पंचायत विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर काट रहा है। मगर कोई भी इतनी बड़ी रकम देने को तैयार नहीं। कुछ ने हाथ खड़े कर दिए तो कुछ ठेकेदार पर चढ़ बैठे। बाद में जब ठेकेदार विभाग के खिलाफ अदालत में पहुंचा तो अदालत ने एक अहम आदेश देकर ठेकेदार को बड़ी राहत दी है। अदालत ने तीन अगस्त को पंचायत की जमीन को कुर्क करके ठेकेदार का बकाया अदा करने के लिए कहा है।
कोरम के अभाव में डीसी ने बनाई कमेटी
सरपंच मदन सिंह के पास कोरम का अभाव था, मगर सरकार और प्रशासन इस गांव में विकास कार्य कराना चाहता था। इसलिए इस गांव में विकास कार्य जारी रखने के लिए उपायुक्त रेवाड़ी ने एक टीम गठित की थी, जिसमें सरपंच, बीडीपीओ, एसडीओ पंचायतीराज शामिल थे। अमर सिंह ठेकेदार ने विकास कार्य किए, जो जांच में पंचायतीराज विभाग के एक्शन व जेई ने सही पाए गए। बावजूद इसके उसका भुगतान नहीं किया गया। तब ठेकेदार अदालत चला गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 29 जुलाई को अपना अहम निर्णय सुनाया। इसमें बीडीपीओ कार्यालय इस ठेकेदार को 60 लाख 19000 रुपये की अदायगी करें और ऐसा न करने की सूरत में ग्राम पंचायत भाला की खेती योग्य जमीन की कुर्की की जाए। अब तीन अगस्त को पंचायत भाला की जमीन की बोली लगाकर ठेकेदार के बकाया की अदायगी की जाने वाली है। अदालत ने जमीन को अटैच कर दिया है।
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अधिकारिक पक्ष
भाला गांव में अमर सिंह ठेकेदार ने प्रशासनिक कमेटी की देखरेख में विकास कार्य वर्ष 2016 -17 में करवाए थे, जिसकी अदायगी नहीं होने की वजह से ठेकेदार ने अपने वकील के माध्यम से कोसली कोर्ट में एक वाद दायर किया था, जिसमें विभाग जीत नहीं सका। इसके बाद में हमने इस फैसले के खिलाफ रेवाड़ी में एडिशनल सेशन जज की अदालत में गुहार लगाई, जहां से पंचायत भूमि के कुर्की के आदेश हुए। हाईकोर्ट ने विभागीय अपील मंजूर नहीं की। ठेकेदार को 60 लाख 19 हजार रूपए अदा करने के लिए पंचायती जमीन को कुर्की के आदेश आए हुए हैं। अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला है। उनके आदेशानुसार अगला कदम उठाया जाएगा।
- अनिल कुमार बीडीपीओ नाहड़।