कारगिल विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते विद्यार्थी। स्रोत : कॉलेज
कोसली। राजकीय महाविद्यालय नाहड़ में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में एनसीसी कैडेट्स एवं एनएसएस यूनिट-2 की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सूर्यपाल ने की। कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। एनएसएस यूनिट-2 प्रभारी डॉ. प्रियंका कुमारी ने विद्यार्थियों को कारगिल युद्ध के इतिहास के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध मई में शुरू हुआ था और 26 जुलाई को भारतीय सेना की वीरता और साहस के साथ समाप्त हुआ। भारतीय जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान सेना को सियाचिन क्षेत्र से पीछे हटने के लिए मजबूर किया।
उन्होंने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा, सौरभ कालिया, गुंजन सक्सेना ने देश की रक्षा के लिए अपना योगदान दिया। कारगिल विजय दिवस पर देश उन सभी वीर जवानों और वीरांगनाओं को याद करता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सूर्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना का योगदान देश के लिए अतुलनीय है। आज हम अपने घरों में सुरक्षित हैं तो इसका श्रेय सेना के जवानों के साहस और समर्पण को जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से सेना के बलिदान और देशभक्ति की भावना से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया।आयोजन एनसीसी प्रभारी अमित कुमार और एनएसएस यूनिट-2 प्रभारी डॉ. प्रियंका कुमारी के निर्देशन में हुआ।