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स्कूलों में बच्चों के लिए पहुंचे ऑक्सीमीटर, प्रत्येक कक्षा को मिलेगा

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जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रेवाड़ी। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग ने प्राइमरी व मिडिल स्कूलों के विद्यार्थियों के ऑक्सीजन स्तर को जांचने के लिए ऑक्सीमीटर भेजे हैं। प्रत्येक कक्षा व सेक्शन को अलग-अलग एक ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराया जाएगा।
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स्कूल पहुंचते ही शिक्षकों की ओर से सबसे पहले विद्यार्थी का ऑक्सीजन स्तर मापा जाएगा, ताकि कुछ भी इधर-उधर मिलने पर तुरंत उपचार के लिए भेजा जा सके। शिक्षा विभाग के इस निर्णय से जिले में 493 प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 40 हजार विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की ओर अगस्त में ही तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। इसमें सबसे ज्यादा बच्चों के प्रभावित होने की बात भी कही जा रही है। इसके चलते ही शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है। विभाग की ओर से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में छठी से बारहवीं तक की कक्षाएं ही लग रही हैं, जिनमें रोस्टर अनुसार ही विद्यार्थी पहुंच रहे हैं।
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एक सप्ताह से जिले में नहीं आया कोई पॉजिटिव केस
शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूलों में आने वाले विद्यार्थियों के नियमित रूप से आक्सीजन स्तर की जांच की जाएगी। अगर किसी विद्यार्थियों का आक्सीजन स्तर निर्धारित से कम पाया जाता है तो चिकित्सक के परामर्श अनुसार इलाज दिलवाया जाएगा। शिक्षा विभाग बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता है।
उप जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. खुशीराम यादव ने बताया कि ऑक्सीमीटर मिल चुके हैं। सभी बीईओ को अपने खंड के ऑक्सीमीटर ले जाने के लिए सूचना भेज दी गई है। शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को जागरूक करने के अलावा कोरोना से बचाव के हर संभव प्रयास कर रहा है।
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