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अस्पतालों में महज दो दिन के लिए बचा ऑक्सीजन का स्टॉक

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ऑक्सीजन सप्लाई वाले गैस सिलिंडर। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। कोरोना के भर्ती मरीजों में बढ़ती ऑक्सीजन की जरूरत के बीच भिवाड़ी से होने वाली सप्लाई बंद होने से जिले में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो गया है। निजी कोविड अस्पतालों के पास महज दो दिन का स्टॉक बच हुआ है। ऐसे में जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो हालात बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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जानकारी के अनुसार सामान्य दिनों में जिले में 70-80 ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पड़ती है। लेकिन जिले में कुल 326 संक्रमित मरीजों में 39 भर्ती होने के चलते ऑक्सीजन मांग दोगुनी से ज्यादा हो गई है। अब जिले के अस्पतालों में प्रतिदिन 200 सिलिंडर आक्सीजन की खपत है।
सरकार के आदेशों से बढ़ी परेशानी
भिवाड़ी की एक निजी कंपनी द्वारा लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन बनाई जाती है। यहां से गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, महेंद्रगढ़ व नारनौल सहित आसपास के जिलों में एलएमओ की सप्लाई होती है। जिले में भिवाड़ी से टैंकर में भरकर एलएमओ मंगवाई जाती है। इसके बाद इसको सिलिंडर में भरकर अस्पतालों में सप्लाई की जाती है। लेकिन राजस्थान सरकार ने भिवाड़ी स्थित कंपनी से राजस्थान, दिल्ली व मध्य प्रदेश को ही ऑक्सीजन सप्लाई देने की शर्त लगा दी है। अब रेवाड़ी के लिए पानीपस से एलएमओ मंगवानी पड़ेगी, लेकिन पानीपत में पहले से दबाव है। ऐसे में व्यवस्था को बिगड़ने से बचाने के लिए भिवाड़ी से गैस देने की मांग की जा रही है।
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शनिवार को भी मिले 47 नए संक्रमित
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुल 1252 कोविड सैंपल लिए गए। इनमें से 46 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें कुल 39 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनके लिए ही ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। बता दें जिले में शनिवार तक कुल 11900 मरीज संक्रमित मिल चुके हैं। वहीं 77 मरीजों की मौत हो चुकी है। एक मरीज की मौत अभी तक पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाई है।
गैस इंडस्ट्रीज, बावल राजेश अग्रवाल ने बताया कि भिवाड़ी की कंपनी द्वारा एलएमओ देने से मना कर दिया गया है। पानीपत में पहले से भारी दबाव है। ऐसे में जिले में महज 2-3 दिन सप्लाई दी जा सकती है। प्रशासन से प्रार्थना है कि जल्द कोई समाधान निकाला जाए, ताकि भिवाड़ी से सप्लाई मिल सके और लोगों को समय पर सिलिंडर पहुंचाए जा सकें।
डॉ. विराटवीर यादव, संचालक कोविड हेल्थ सेंटर ने बताया कि ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए शनिवार को निजी चिकित्सकों की बैठक बुलाई गई थी। स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया गया है कि जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि सप्लाई बाधित न हो।
पीएमओ, नागरिक अस्पताल डॉ. सर्वजीत थापर ने बताया कि सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। सप्लायर ने कहा था कि आप यह लिखकर दो कि सरकारी अस्पताल में ही गैस प्रयोग की जाएगी। उसको पत्र लिखकर दे दिया गया है। सरकार के नियमानुसार पहले सरकारी अस्पतालों में सप्लाई दी जाएगी, इसके लिए भी अनुपात निर्धारित किया गया है।
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