रेवाड़ी। जैन समाज की भक्तामर पाठ समिति की ओर से रविवार को प्राचीन हनुमान मंदिर के पास भगवान आदिनाथ के भक्तामर स्तोत्र के 567वें पाठ का आयोजन किया गया।
डॉ. मित्तल दंपती ने कहा कि उनके अस्पताल परिसर में भक्तामर स्तोत्र का पाठ आठवीं बार आयोजित होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। समिति प्रधान कुलदीप जैन ने बताया कि समिति का गठन वर्ष 2006 में भगवान आदिनाथ की महिमा और भक्तामर स्तोत्र के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से किया गया था।
समिति की ओर से रेवाड़ी के अलावा जयपुर, दिल्ली सहित अन्य शहरों में भी पाठ आयोजित किए जा चुके हैं। पाठ के समापन के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती में हिस्सा लिया। समिति की ओर से आयोजक डॉ. मित्तल दंपती को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सतेन्द्र जैन, संदीप जैन, भूषण जैन सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।