रेवाड़ी। सेशन जज गुरविंदर सिंह वाधवा की अदालत ने अवैध खनन के मामले में जब्त की गई जेसीबी मशीन को सुपरदारी पर मालिक को सौंपने का आदेश दिया है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई निर्णयों में स्पष्ट किया गया है कि जब्त वाहन को लंबे समय तक थाने में खड़ा रखने की बजाय सुपरदारी पर मालिक को सौंपना उचित है।
थानों में पर्याप्त पार्किंग सुविधा नहीं होने के कारण वाहन की स्थिति खराब होती है और उसकी कीमत घट जाती है। अदालत ने कहा कि धूप, बारिश और धूल-मिट्टी के कारण जेसीबी मशीन का मूल्य कम हो जाएगा।
अदालत ने आदेश दिया कि मुंडनवाड़ा कला निवासी सुरेंद्र कुमार को उनकी जेसीबी मशीन सुपरदारी पर सौंप दी जाए। याचिका में सुरेंद्र कुमार ने बताया था कि खनन विभाग के अधिकारियों ने उनका वाहन गलत तरीके से जब्त किया था, जबकि सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार इसी वाहन पर निर्भर है और थाने में खड़ा रहने से मशीन खराब हो सकती है। राज्य की ओर से जवाब दाखिल करते हुए बताया गया कि पहले इस वाहन के संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं था, लेकिन बाद में एफआईआर दर्ज की गई।
यह मामला खनिज एवं खनन (विकास और विनियमन) अधिनियम की धारा 21(1) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत दर्ज हुआ।
खनन अधिकारी ने सुपरदारी का विरोध करते हुए कहा कि वाहन मालिक जांच में सहयोग नहीं करेगा, इसलिए इसे सुपुर्द न किया जाए।