रेवाड़ी। बिजली उपभोक्ता मंच ने गुरुग्राम और नूंह जिलों के बिजली वितरण क्षेत्र के निजीकरण का विरोध करते हुए हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) से इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड के आवेदन को खारिज करने की मांग की है।
मंच के जिला सचिव रतन प्रकाश ने कहा कि यह कदम बिजली वितरण व्यवस्था को निजी कंपनियों के हवाले करने की तैयारी है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिकतम मुनाफा कमाना होता है, जिससे भविष्य में बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी हो सकती है।
इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली आम लोगों की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी दरें आम नागरिकों की पहुंच में रहनी चाहिए।
यदि बिजली वितरण निजी हाथों में चला गया तो उपभोक्ताओं के साथ-साथ बिजली कर्मचारियों की नौकरियों पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कुल राजस्व का 70 प्रतिशत हिस्सा अकेले गुरुग्राम जिले से प्राप्त होता है। ऐसे में यदि यह क्षेत्र निजी कंपनी को सौंप दिया जाता है तो सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिसका बोझ उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा।
बिजली उपभोक्ता मंच ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया तो संगठन इसका जोरदार विरोध करेगा।