स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एसडीएम के अचानक तबादले के विरोध में मंगलवार को स्थानीय लोगों ने बाजार बंद रखा और तहसील कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। लोगों को समझाने पहुंचे एडीसी और तहसीलदार से लोगों की बहस हुई और लोगों ने उन्हें बंधक बनाकर वहीं बैठा लिया। अफसरों के उपायुक्त से बात कर लोगों को मुख्यमंत्री से बात करवाने का आश्वासन मिलने पर वह शांत हुए।
गौरतलब है कि बावल को उपमंडल बनाने के बाद होने वाले पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां चल रही थीं। अचानक स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एसडीएम डॉ. सुभीता ढाका का तबादला बावल से कर दिया गया। स्वतंत्रता दिवस पर एडीसी सुल्तान सिंह घोषवाल ने बावल में ध्वजारोहण किया था। बावल के लोगों ने इसका विरोध जताते हुए एडीसी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा था। लोगों ने मामले में ढिलाई बरतने पर 19 अगस्त को कस्बे का बाजार बंद करने की चेतावनी दी थी।
इस मामले में कोई पहल न होने पर मंगलवार को कस्बे का बाजार बंद रहा। समस्त व्यापारी रोष जताते हुए सर छोटूराम चौक पर एकत्रित हुए और सरकार विरोधी नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।तहसीलदार डॉ. नरेश ने विरोध प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह उपायुक्त को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। दोपहर 12 बजे के अल्टीमेटम के अनुरूप अतिरिक्त उपायुक्त मौके पर पहुंचे। बावल थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। धरने पर बैठे लोगों में रोष जताते हुए कहा कि जब तक उपायुक्त उनके बीच में नहीं आते, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों और एडीसी के बीच उपायुक्त के उपस्थित नहीं होने पर तनातनी हो गई और उन्होंने एडीसी सुलतान सिंह घोषवाल और तहसीलदार को यह कहते हुए बंधक बनाकर वहीं बैठा लिया कि जब तक स्वयं प्रशासन मुख्यमंत्री से उनकी बात के लिए समय निर्धारित नहीं करता है, तब तक वह अपना विरोध जारी रखेंगे और अधिकारियों के जाने नहीं देंगे। लोगों का कहना था कि अच्छा काम करने पर भी अफसरों का तबादला करवाया जा रहा है, यह आमजन के हित में नहीं है।
डीसी से बात कर दिया आश्वासन
माहौल को देखते हुए एडीसी ने जिला उपायुक्त से फोन पर बात कर प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि कैथल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री व्यस्त हैं। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों से मिलने का समय देर रात्रि तक निर्धारित कर लिया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री के नाम एडीसी को डॉ. सुभिता ढाका की वापसी के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा। समस्त प्रतिनिधियों ने उपस्थित जनता को आश्वासन दिया कि जनता को मुख्यमंत्री के द्वारा समय निर्धारित करने की योजना का खुलासा बुधवार सुबह 10 बजे बावल के विश्राम गृह में एकत्रित होने के उपरांत कर दिया जाएगा। इसके बाद धरना प्रदर्शन बुधवार सुबह 10 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान प्रकाश आढ़ती, प्रेमी बतरा, नरेश जेलदार, हीरा रूस्तगी, दिनेश कुमार, रामकिशन महलावत, चेतराम रेवाड़िया, अमर सिंह, सुमेर जेलदार, राजबीर, रमेश सैनी, राजीव पहलवान, रामनाथ, धर्मबीर झाबुआ, घनश्याम बागड़ी, डॉ. बनवारी लाल, श्याम सुंदर सभ्रवाल, राजू बावल, उर्मित ठक्कर, हुकम गुर्जर, ईश्वर आदि मौजूद रहे।