रेवाड़ी। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस आज है। जिले में इस दिन कैंसर की जागरूकता को लेकर कार्यक्रम होते हैं, पर विडंबना है कि जिले के सिविल अस्पताल, एसडीएच कोसली और सीएचसी में सिर्फ कैंसर की स्क्रीनिंग सुविधा उपलब्ध है यानी कैंसर का पता लग सकता है, लेकिन इलाज के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं है। अगर इलाज कराना हो तो मरीजों को दिल्ली, रोहतक और जयपुर की दौड़ लगानी पड़ती है।
जिले में इस साल जनवरी माह से लेकर अब तक कैंसर के 120 नए मरीज मिल चुके हैं। इन मरीजों के बस पास भी बनाए गए हैं। मरीज के साथ ही एक तीमारदार का भी बस पास बनता है जबकि 189 पुराने मरीजों का बस पास बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर समय पर कैंसर का पता लगाकर उपचार कराएं तो संभव है। ठीक होने के पूरे चांस होते हैं।
मरीजों का एनसीडी क्लीनिक में भी डाटा होता है रिकॉर्ड
एसडीएच और जिले की 5 सीएचसी में एनसीडी क्लीनिक भी बनाया हुआ है। अगर कोई भी 30 साल से अधिक आयु का व्यक्ति स्क्रीनिंग कराने पहुंचता है तो उनका पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है। अगर कोई संदिग्ध मिलता है तो उसकी सिविल अस्पताल के साथ ही बाहर भी टेस्ट कराया जाता है। पुष्टि होने पर मरीजों का दिल्ली-जयपुर या रोहतक में इलाज कराया जाता है। इसके लिए मरीजों का बस पास भी बनवाया जाता है। जिले में फिलहाल 300 से ज्यादा बस पास बनाए गए हैं।
इसलिए महत्वपूर्ण है दिवस
कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए इसके रोकथाम व उपचार के जरिए स्वस्थ जीवन पाया जा सकता है। कैंसर की पहचान, रोकथाम और इलाज के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ही हर वर्ष यह दिवस मनाया जाता है। महिलाओं में स्तन, सर्वाइकल, गर्भाश्य ग्रीवा, अंडाशय, लिप, ओरल कैविटी के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं, वहीं, पुरुषों में फेफड़ों का कैंसर, पेट का कैंसर व मुंह का कैंसर शामिल हैं।
कैंसर के सामान्य लक्षण
वजन में कमी, बुखार, भूख में कमी, हड्डियों में दर्द, खांसी या मुंह से खून आने सहित अन्य शामिल हैं। अगर किसी भी व्यक्ति को ये लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
अगर कैंसर की स्टेज 3 और 4 है तो ऐसे मरीजों को सरकार की ओर से 2750 रुपये प्रतिमाह पेंशन भी प्रदान की जा रही है। ऐसे मरीज सिविल सर्जन कार्यालय में आकर पेंशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। उनको आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र और जहां से ट्रीटमेंट ले रहे हैं, उसका कार्ड लेकर आना होगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अगर कोई रेयर डिजीज है तो उसके मरीजों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
- डॉ. दीपक वर्मा-डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी