रेवाड़ी। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर जारी एमआईएस (मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) रिपोर्ट ने शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था की पोल खोल दी है। प्रदेश के कुल 14,296 सरकारी स्कूलों में से केवल 6,875 स्कूलों (48 प्रतिशत) ने ही विद्यार्थियों की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज की है।
जिन स्कूलों में उपस्थिति दर्ज हुई, उनमें कुल 10,87,413 विद्यार्थियों के मुकाबले 5,72,967 छात्र उपस्थित पाए गए जो लगभग 53 प्रतिशत है जबकि 4,52,015 छात्र अनुपस्थित या अवकाश पर रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम और सोनीपत जिले उपस्थिति दर्ज करने में आगे रहे। सोनीपत में 95 प्रतिशत स्कूलों ने छात्रों की हाजिरी दर्ज की जहां 77 प्रतिशत विद्यार्थी उपस्थित रहे। वहीं गुरुग्राम में 85 प्रतिशत स्कूलों ने उपस्थिति अपडेट की। इसके विपरीत यमुनानगर (28%), हिसार (33%) और करनाल (35%) जैसे जिलों में काफी कम स्कूलों ने पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज की।
यदि वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की बात करें तो प्रदेश के 902 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में से 527(58%) ने छात्रों की हाजिरी दर्ज की। यहां 65 प्रतिशत छात्र उपस्थित रहे। हाई स्कूलों में 50 प्रतिशत और मिडिल स्कूलों में 46 प्रतिशत संस्थानों ने उपस्थिति अपडेट की। मिडिल स्कूलों में 68 प्रतिशत और हाई स्कूलों में 80 प्रतिशत तक उपस्थिति दर्ज की गई जो अपेक्षाकृत बेहतर रही।
प्राथमिक स्कूलों की स्थिति चिंताजनक दिखी। 70 अन्य श्रेणी के स्कूलों (आरोही, केजीबीवी, लैब आदि) में से केवल 24 प्रतिशत ने ही छात्रों की उपस्थिति दर्ज की। कई जिलों में तो प्राथमिक स्तर पर शून्य उपस्थिति दर्ज करने की भी स्थिति सामने आई जिससे मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
44,279 कर्मचारियों की उपस्थिति रही
कुल 1,03,017 स्टाफ में से 44,279 कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज की गई। इनमें से 43,501 कर्मचारी उपस्थित पाए गए। हालांकि केवल 43 प्रतिशत स्कूलों ने ही स्टाफ की हाजिरी पोर्टल पर अपडेट की। सोनीपत (88%) और गुरुग्राम (73%) जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया जबकि फरीदाबाद, नूंह और हिसार जैसे जिलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने की दर काफी कम रही।
प्रतिदिन एमआईएस पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का है आदेश
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिदिन समय पर एमआईएस पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करें। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल मॉनिटरिंग का उद्देश्य स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है लेकिन यदि स्कूल नियमित रूप से डेटा अपडेट नहीं करेंगे तो व्यवस्था का लाभ नहीं मिल पाएगा। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि जहां कुछ जिलों ने डिजिटल उपस्थिति प्रणाली को गंभीरता से लिया है, वहीं कई जिलों में अब भी लापरवाही बरती जा रही है।
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जिला-कुल स्कूल-हाजिरी दर्ज स्कूल (%)-कुल नामांकनउपस्थित छात्र-अनुपस्थित/अवकाश
अंबाला 762297 (39%)73,14813,0532,585
भिवानी748322 (43%)83,84015,8583,026
चरखी दादरी366128 (35%)28,8114,301922
फरीदाबाद 378156 (41%)1,16,50911,7155,329
फतेहाबाद 621-293 (47%)96,26717,6183,082
गुरुग्राम 573-488 (85%)1,53,265-52,90921,216
हिसार 868 -289 (33%)1,25,17616,4132,666
झज्जर 521247 (47%)55,65510,314-1,978
जींद 724450 (62%)-1,01,33928,485-4,988
कैथल 594425 (72%)-96,161-27,139-4,388
करनाल 779-270 (35%)1,23,591-15,856-3,006
कुरुक्षेत्र 779-291 (37%)76,75812,272-2,803
महेंद्रगढ़ 726305 (42%)-50,097-9,409-1,831
नूंह (मेवात) 901389 (43%)2,57,870-42,91120,175
पलवल 606306 (50%)1,08,44521,894-7,738
पंचकूला 422189 (45%)65,98612,1483,063
पानीपत 418-213 (51%)1,06,05617,8644,171
रेवाड़ी 639-290 (45%)-56,788-11,0872,251
रोहतक 406-237 (58%) -57,601 12,903 3,017
सिरसा 833-356 (43%)-1,28,884-22,1064,044
सोनीपत 712 675 (95%)-1,12,43962,844-16,357
यमुनानगर 920-259 (28%)-95,057-12,916-2,316
कुल 14,296-6,875 (48%)21,69,743-4,52,015-1,20,952
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वर्जन:
दस्तावेजों के अभाव में एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों का डेटा अपलोड करने में विभाग को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आवश्यक कागजात पूरे न होने के कारण कई विद्यार्थियों का विवरण समय पर पोर्टल पर दर्ज नहीं किया जा सका। अपूर्ण दस्तावेजों के चलते जिले से अपेक्षाकृत कम संख्या में ही विद्यार्थियों का डेटा एमआईएस पोर्टल पर अपलोड हो पाया है।
-धर्मेंद्र मामड़िया, जिला प्रधान, प्राथमिक शिक्षक संघ